
नईदुनिया प्रतिनिधि, नारायणपुर। सुरक्षा बलों ने मंगलवार को अबूझमाड़ के घने जंगलों में छिपाकर रखा गया माओवादियों का बड़ा डंप बरामद किया, जिसमें एक करोड़ रुपये नगद सहित अत्याधुनिक हथियार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार ’माड़ बचाओ अभियान’ के तहत नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, एसटीएफ, आईटीबीपी और बीएसएफ की टीमों ने एक महीने तक चले सघन आपरेशन के बाद ₹1.01 करोड़ से अधिक नगद, एके-47 समेत भारी हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की है।
.jpeg)
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह डंप माओवादियों के लाजिस्टिक नेटवर्क, हथियार आपूर्ति और आइईडी निर्माण गतिविधियों का अहम केंद्र था। ग्रामीणों के सहयोग और मजबूत आसूचना तंत्र के आधार पर अबूझमाड़ के अंदरूनी हिस्सों में कई संदिग्ध ठिकानों को चिन्हित किया गया था। इसके बाद संयुक्त टीमों ने जंगलों में छिपाकर रखे गए डंप तक पहुंचकर कार्रवाई की।

आपरेशन में तीन एके-47 रायफल, तीन एसएलआर, दो .303 रायफल, एक .315 रायफल, दो 12 बोर बंदूक, दो देशी कट्टे, 300 से अधिक जिंदा कारतूस, 132 बीजीएल सेल, इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, कार्डेक्स वायर, वायरलेस सेट और संचार उपकरण बरामद किए गए। इसके अलावा पांच किलो सोरा, तीन किलो सफेद पाउडर, रेडियो सेल और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री भी जब्त की गई।
.jpeg)
सबसे बड़ी बरामदगी ₹1,01,64,000 नगद की रही। अधिकारियों का मानना है कि इस रकम का इस्तेमाल हथियार खरीद, माओवादी कैडरों की सप्लाई, भर्ती और विस्फोटक निर्माण नेटवर्क को संचालित करने में किया जाना था। नारायणपुर एसपी रोबिनसन गुड़िया ने बताया कि वर्ष 2025-26 में जिले में अब तक कुल 270 हथियार रिकवर किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि लगातार चल रही संयुक्त कार्रवाइयों से माओवादियों की सैन्य और लाजिस्टिक क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है। पुलिस का कहना है कि अबूझमाड़ के जंगलों में माओवादियों द्वारा और भी डंप छिपाकर रखे जाने की संभावना है। सुरक्षा बलों ने ग्रामीणों से संदिग्ध वस्तुओं और गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।
यह भी पढ़ें- मुंबई जैसा मामला अब छत्तीसगढ़ में, तरबूज खाने के बाद 5 बच्चों की बिगड़ी तबीयत, एक की मौत, चार भर्ती