
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने वक्फ संपत्तियों को हानि पहुंचाने के लिए प्रदेश में कई वक्फ प्रबंधकों के विरुद्ध 41 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के लिए नोटिस जारी किए हैं। कुछ मामलों में वसूली भी की गई। आरोप है कि ये लोग समानांतर वक्फ बोर्ड चलाकर वक्फ संपत्तियों को हानि पहुंचा रहे थे। बोर्ड ने इनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की है।
इस क्रम में भोपाल के शाहजहांनी स्थित वक्फ यतीमखाना के प्रबंधक को 28 करोड़ 96 लाख रुपये का वसूली नोटिस दिया गया है। उज्जैन स्थित वक्फ मदर गेट के प्रबंधन के विरुद्ध सात करोड़ 21 लाख, सागर के बीना बजरिया स्थित वक्फ जामा मस्जिद के प्रबंधक के विरुद्ध एक करोड़ 84 लाख रुपये की वसूली का नोटिस जारी कर कार्रवाई की गई है। यह देश में वक्फ संपत्ति के मामले में रिकवरी के लिए की गई बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि देश में वक्फ संशोधन कानून लागू होने के बाद संपत्ति से अतिक्रमण हटाने, डिजिटाइजेशन, राशि का सामाजिक कार्यों में उपयोग तेजी से प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी नवीन वक्फ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। वक्फ बोर्ड की संपत्तियों से वर्षों से अवैध कब्जाधारियों को हटाया गया।
इनके भौतिक सत्यापन के बाद जरूरतमंद लोगों को संपत्ति के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया गया। वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड भारत सरकार के 'उम्मीद' पोर्टल पर दर्ज कराने में मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है, जिसके लिए बोर्ड को स्कॉच अवॉर्ड मिला।
नया अधिनियम लागू होने के बाद वक्फ से होने वाली आय का सामाजिक कार्यों में उपयोग किया गया। 1552 बेटों-बेटियों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहयोग किया गया, जिससे वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को भोपाल के रवीन्द्र भवन में यहां के 849 मेधावी विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप देकर सम्मानित करेंगे। अभी यह शुरुआत है। बाद में सभी जिलों में छात्रवृत्ति दी जाएगी।
बोर्ड द्वारा 'पढ़ो पढ़ाओ, राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनो' नवाचार को दूसरे राज्य अपनाने के प्रयास में हैं। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में वक्फ बोर्ड की जमीनों पर पांच लाख पौधारोपण का लक्ष्य आगामी वर्षा ऋतु में रखा है।