
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। देवास में धोखाधड़ी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। शादी का झांसा देकर एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 42 दूल्हों को ठगी का शिकार बनाया गया। ये सभी दूल्हे सज-धजकर अपने साथ करीब 200 से 250 बारातियों को लेकर देवास पहुंचे थे, लेकिन यहां आकर उनके अरमानों पर पानी फिर गया। न तो मंडप मिला, न दुल्हन और न ही शादी कराने वाला बिचौलिया।
जानकारी के अनुसार पीड़ितों में अधिकांश युवक विदिशा, शाजापुर और देवास जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के रहने वाले हैं। इन युवकों को इंदौर के एक तथाकथित अनाथ आश्रम की लड़कियों से विवाह कराने का झांसा दिया गया था। इस विवाह के नाम पर बिचौलियों ने हर दूल्हे से 10 हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक की रकम एडवांस में ऐंठ ली थी।
ठगों ने पूरी प्लानिंग के साथ सभी पक्षों को देवास बुलाया था। तय योजना के मुताबिक सुबह सभी दूल्हों और बारातियों को गायत्री शक्तिपीठ पहुंचने को कहा गया। झांसा दिया गया था कि यहीं विवाह की रस्में होंगी और फिर माता टेकरी पर दर्शन करवाए जाएंगे।
जब घंटों इंतजार के बाद भी न तो कोई लड़की आई और न ही उन्हें बुलाने वाला शख्स पहुंचा, तो पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। क्लब ग्राउंड पर काफी देर तक गहमागहमी और हंगामे की स्थिति बनी रही, जिसके बाद सूचना मिलते ही बीएनपी थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
इस फर्जीवाड़े का एक पहलू यह है कि कई युवक अपने गांवों में बकायदा शादी के कार्ड बांट चुके थे और रिश्तेदारों को स्नेह भोज भी करवा चुके थे। जब वे देवास पहुंचे, तो न तो दुल्हन मिली ना ही शादी हुई। थाने पहुंचे पीड़ितों ने कहा अब गांव लौटकर समाज को क्या मुंह दिखाएंगे? हमारी सामाजिक प्रतिष्ठा मिट्टी में मिल गई।
बताया जा रहा है कि इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य मास्टरमाइंड इंदौर का रहने वाला है। पुलिस ने उसके विदिशा निवासी भाई व एक महिला को हिरासत में लिया है।