
नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों के कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी गिरावट आने के साथ ही मुद्रास्फीति तथा उच्च ब्याज दरों को लेकर कुछ चिंताएं कम हुईं। इसके अलावा डालर की दर भी कमजोर हुई है।
इससे माहौल कुछ बेहतर हुआ जिसके चलते निवेशकों का ध्यान एक बार फिर करंसी से हटकर बुलियन मार्केट की तरफ जाने लगा है। इसके चलते सप्ताह के पहले ही दिन अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय बुलियन मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली है।
सोमवार को कामेक्स पर सोना वायदा 121 डालर उछलकर 4337 डालर प्रति औंस और चांदी वायदा 268 सेंट घटकर 70.65 डालर प्रति औंस पर कारोबार करती देखी गई। इसके चलते भारतीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का वातावरण रहा। इंदौर में सोना केडबरी 1800 रुपये उछलकर 148900 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी चौरसा 5300 रुपये उछलकर 247800 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई।
ज्वेलर्स का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस संकेत से कि शांति समझौता जल्द ही हो सकता है और ईरान के खिलाफ प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को रद्द करने के फैसले से बाजार के माहौल को समर्थन मिला। हालांकि बढ़त सीमित रही क्योंकि निवेशक महंगाई के जोखिम और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति को और सख्त करने की संभावना का आकलन करते रहे।
चीन में मांग कम होने से सोने के प्रीमियम में कमी आई, जबकि अन्य प्रमुख एशियाई बाजारों में कारोबार की स्थिति काफी हद तक स्थिर रही। इस बीच, मई के अंत में लंदन के वाल्ट में सोने का भंडार मामूली रूप से बढ़कर 9,392 टन हो गया।
कामेक्स वायदा- सोना वायदा 4337 डालर तक जाने के बाद ऊपर में 4345 डालर और नीचे में 4216 डालर प्रति औंस और चांदी 70.65 डालर तक जाने के बाद ऊपर में 70.80 डालर और नीचे में 67.75 डालर प्रति औंस पर कारोबार करती देखी गई।
सोना केडबरी रवा नकद में 148900, सोना आरटीजीएस में 149800 (जीएसटी अतिरिक्त), सोना 22 कैरेट 137300 रुपये प्रति दस ग्राम (जीएसटी अतिरिक्त) है। शनिवार को सोना 147100 रुपये पर बंद हुआ। चांदी चौरसा 247800, चांदी आरटीजीएस 256000 चांदी टंच 248300 रुपये प्रति किलो और चांदी सिक्का 2750 रु. प्रति नग बिका। शनिवार को चांदी 242500 रु. पर बंद हुई थी।