
नईदुनिया प्रतिनिधि। देश में सोने की कीमतों में बीते कुछ दिनों से जारी तेजी पर ब्रेक लग गया है। सुरक्षित निवेश यानी सेफ एसेट के रूप में मांग घटने और रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद मुनाफावसूली शुरू होने से सोने के भाव नीचे आए हैं।
23 जनवरी की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव गिरकर 1,54,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने का हाजिर भाव फिसलकर 4,822.65 डॉलर प्रति औंस हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार भूराजनीतिक तनाव कम होने और जोखिम भावना सुधरने से निवेशकों ने सोने से मुनाफा वसूली की है।
दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा बयान देते हुए यूरोपीय देशों पर प्रस्तावित टैरिफ लगाने की योजना रद्द कर दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर नियंत्रण के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं करेगा और पूरे आर्कटिक क्षेत्र को लेकर भविष्य की डील का एक फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। इन घोषणाओं से वैश्विक स्तर पर तनाव कम हुआ, जिससे सोने जैसे सुरक्षित निवेश की मांग घट गई और कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,54,450 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट का भाव 1,41,590 रुपये प्रति 10 ग्राम है। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,54,300 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,41,440 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। पुणे और बेंगलुरु में भी यही दरें दर्ज की गई हैं। अन्य शहरों में भी कीमतें लगभग इसी स्तर पर बनी हुई हैं।
गोल्डमैन सैक्स ने दिसंबर 2026 के लिए सोने की कीमत का अनुमान बढ़ाकर 5,400 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि वैश्विक नीतिगत जोखिमों से बचाव के लिए प्राइवेट सेक्टर के निवेशक सोने की होल्डिंग बनाए रखेंगे, जिससे लंबी अवधि में कीमतों को समर्थन मिल सकता है।
जहां सोने में नरमी देखी गई है, वहीं चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। 22 जनवरी की सुबह चांदी का भाव 3,30,100 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी का हाजिर भाव बढ़कर 94.91 डॉलर प्रति औंस हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू और वैश्विक दोनों कारक सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करते हैं।