
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। युद्ध की स्थिति में शेयर बाजार ने निवेशकों को निराश किया है। हालांकि आगे युद्ध थमने की संभावना है। ऐसे में आज का निवेश कल जब बाजार बेहतर होगा तो अधिक लाभ देगा। हालांकि जोखिम कम करने के लिए सीधे इक्विटी में निवेश करने के बजाय म्युचुअल फंड अच्छा माध्यम है।
यह कहना है चार्टर्ड अकाउंटेंट अनुज गुप्ता का। उन्होंने बताया कि निवेश के नए माध्यम लोगों को इस दौर में आकर्षित कर रहे हैं। थोड़ी-थोड़ी बचत के साथ बड़ी पूंजी खड़ी करने के लिए म्युचुअल फंडों को निवेश का अच्छा विकल्प माना जाता है। इसमें निवेश से शेयर बाजार की तेजी के लाभ भी मिलते हैं और जोखिम से अपेक्षाकृत सुरक्षा भी मिलती है।
अब म्युचुअल फंडों में भी हाइब्रिड फंड के रूप में विकल्प है। इसमें पूंजी को एक तरह के स्टॉक या पूरी तरह इक्विटी में लगाने का जोखिम कम हो जाता है। हाईब्रिड फंड भी मुख्य सात तरह के होते हैं। सभी में इक्विटी और डेट फंड या अन्य इंस्ट्रूमेंट में पूंजी को बांटने का अलग-अलग अनुपात होता है।
इस अनुपात के हिसाब से फंड मैनेजर इसके निवेश को मैनेज करते हैं। ये जोखिम से सुरक्षा के साथ अच्छा रिटर्न देने वाले माने जाते हैं। साथ ही अलग-अलग माध्यमों की तेजी का लाभ भी मिलता है। इसके साथ ही अन्य माध्यमों में भी जरुरत के हिसाब से निवेश करना चाहिये। सीधे इक्विटी के साथ कुछ धन परंपरागत योजनाओं में निवेश करें। कीमती धातुओं के साथ अचल संपत्ति में भी निवेश करें।
याद रखे निवेश हमेशा अच्छा लाभ तब ही देता है जब वह दीर्घ अवधि के लिए किया जाए।सोने-चांदी के दामों में थोड़ी बहुत तेजी मंदी है। ऐसे में इनमें भी निवेश का अभी बेहतर मौका है। लंबे समय तक किया गया निवेश कभी धोखा नहीं देता। सोने में अब वायदा की बजाय फिजिकल ही खरीदी करें। वायदा बाजार में अनिश्चिचतता होती है और सट्टेबाजी भी। यह आम निवेशकों के लिए निवेश का सही माध्यम नहीं है।