• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • बिज़नेस

Investment Tips: गोल्‍ड, इक्विटी, म्‍युचुअल फंड और बैंक एफडी में निवेश क्‍यों माना जाता है सुरक्षित, विशेषज्ञ से जानिये

Investment Tips: पूरी पूंजी को किसी एक विकल्प में लगाने से जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए निवेश को इक्विटी, डेट, सोना, म्यूचुअल फंड, बैंक जमा सहित अलग-अलग प...और पढ़ें

By Atul ShuklaEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Tue, 08 Sep 2026 11:58:55 AM (IST)Updated Date: Tue, 08 Sep 2026 12:09:54 PM (IST)
Investment Tips: गोल्‍ड, इक्विटी, म्‍युचुअल फंड और बैंक एफडी में निवेश क्‍यों माना जाता है सुरक्षित, विशेषज्ञ से जानिये
निवेश को लेकर टिप्‍स।

HighLights

  1. अल्पकालिक जरूरतों के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प।
  2. बाजार पर आधारित निवेश पर विचार किया जा सकता है।
  3. निवेश की आदत संपत्ति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

बिजनेस डेस्‍क। आज के समय में केवल बचत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बचत को सही दिशा में निवेश करना भी जरूरी है। महंगाई, बदलती आर्थिक परिस्थितियों और बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेश में संतुलन रखना समझदारी है। पूरी पूंजी को किसी एक विकल्प में लगाने से जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए निवेश को इक्विटी, डेट, सोना, म्यूचुअल फंड, बैंक जमा सहित अलग-अलग परिसंपत्तियों में बांटना बेहतर रणनीति मानी जाती है।

संतुलित पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा लाभ जोखिम का बंटवारा है। किसी एक परिसंपत्ति वर्ग में गिरावट आने पर दूसरे विकल्प अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर नुकसान के प्रभाव को कम कर सकते हैं। इससे निवेशक पर आर्थिक दबाव कम रहता है और लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना बनी रहती है। साथ ही, अलग-अलग विकल्पों में निवेश करने से महंगाई के प्रभाव को कम करने और धन की क्रय शक्ति बनाए रखने में मदद मिलती है।


इस आधार पर होना चाहिये फैसला

  • निवेश का निर्णय व्यक्ति की आय, उम्र, वित्तीय लक्ष्य, समयावधि और जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर होना चाहिए।
  • अल्पकालिक जरूरतों के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प और लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए जोखिम के अनुरूप बाजार आधारित निवेश पर विचार किया जा सकता है।
  • नियमित निवेश की आदत भी संपत्ति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

निवेश के बाद क्‍या करें

  • निवेश करने के बाद उसे भूल जाना भी सही रणनीति नहीं है।
  • समय-समय पर पोर्टफोलियो की समीक्षा कर परिस्थितियों और लक्ष्यों के अनुसार आवश्यक बदलाव किए जाने चाहिए।
  • वित्तीय अनुशासन, नियमित निवेश और संतुलित पोर्टफोलियो भविष्य की आर्थिक चुनौतियों से निपटने की क्षमता बढ़ाते हैं।
  • सही योजना के साथ किया गया निवेश परिवार को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ भविष्य के लक्ष्यों को पूरा करने में भी मददगार बन सकता है।

(तनिष्क ग्रोवर, चार्टर्ड अकाउंटेंट)