ट्रेनों में लगे हैं इस कंपनी के जादुई पंखे, 50% तक बचाते हैं बिजली, कौन है इसका असली मालिक?
भारतीय रेलवे (Indian Railways Technology) में हर दिन करोड़ों यात्री सफर करते हैं, लेकिन क्या कभी आपने नॉन-एसी (Non-AC) कोच की छतों पर लगे उन पंखों पर ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 10 Mar 2026 02:40:55 PM (IST)Updated Date: Tue, 10 Mar 2026 02:40:55 PM (IST)
ट्रेनों में लगे हैं इस कंपनी के जादुई पंखे, 50% तक बचाते हैं बिजलीHighLights
- रेलवे के 'स्मार्ट' पंखे: 50% बिजली बचाती है लुकस-टीवीएस की खास तकनीक
- लुकस-टीवीएस: IIM गोल्ड मेडलिस्ट टी.के. बालाजी ने बदली रेलवे की सूरत
- टेक्नोलॉजी: अब नॉन-एसी कोच में लगे हैं मेंटेनेंस फ्री और पावरफुल पंखे
बिजनेस डेस्क। भारतीय रेलवे (Indian Railways Technology) में हर दिन करोड़ों यात्री सफर करते हैं, लेकिन क्या कभी आपने नॉन-एसी (Non-AC) कोच की छतों पर लगे उन पंखों पर गौर किया है जो न केवल ठंडी हवा देते हैं, बल्कि रेलवे का बिजली बिल भी आधा कर देते हैं? इस क्रांतिकारी बदलाव के पीछे भारतीय कंपनी लुकस-टीवीएस (Lucas TVS) का बड़ा हाथ है।
कौन है लुकस-टीवीएस का मालिक?
लुकस-टीवीएस, भारत के प्रसिद्ध TVS ग्रुप और ब्रिटेन के लुकस (Lucas) का एक जॉइंट वेंचर है। इस कंपनी की सफलता और आधुनिक विजन का श्रेय इसके चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर टी.के. बालाजी (T.K. Balaji) को जाता है। वर्तमान में उनके साथ जॉइंट एमडी अरविंद बालाजी भी कंपनी की कमान संभाल रहे हैं।
टी.के. बालाजी: गोल्ड मेडलिस्ट से बिजनेस टायकून तक
टी.के. बालाजी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि बेहद मजबूत है...
- इंजीनियरिंग: उन्होंने कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, गिंडी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली।
- मैनेजमेंट: वह प्रतिष्ठित IIM अहमदाबाद के एमबीए गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुके हैं।
- उपलब्धि: उनके नेतृत्व में कंपनी को गुणवत्ता के क्षेत्र में दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित डेमिंग पुरस्कार (Deming Prize) मिल चुका है।
पुराने पंखों से क्यों मिला छुटकारा?
भारतीय रेलवे के EMU, DMU और MEMU जैसे नॉन-एसी कोचों में पहले पारंपरिक 'ब्रश्ड डीसी मोटर' वाले पंखे इस्तेमाल होते थे। इन पंखों में कई कमियां थीं...
- अधिक खपत: ये पुराने पंखे 50 से 60 वॉट या उससे भी ज्यादा बिजली पी जाते थे।
- भारी मेंटेनेंस: इनमें लगे 'ब्रश' बार-बार घिस जाते थे, जिससे बार-बार मरम्मत की जरूरत पड़ती थी।
- ऊर्जा की बर्बादी: चूंकि ट्रेनें अपनी बिजली खुद जनरेटर या ओवरहेड तारों से बनाती हैं, इसलिए पुरानी तकनीक रेलवे पर आर्थिक बोझ डाल रही थी।
लुकस-टीवीएस की तकनीक ने कैसे बदला गेम?
लुकस-टीवीएस ने भारतीय रेलवे को BLDC (Brushless DC) तकनीक वाले पंखे उपलब्ध कराए। यह तकनीक 50% तक बिजली की बचत करती है और इसमें घर्षण कम होने के कारण टूट-फूट भी न के बराबर होती है। आज यह कंपनी पारंपरिक ऑटो इलेक्ट्रिकल सप्लायर से ऊपर उठकर एक वर्ल्ड-क्लास टेक दिग्गज बन चुकी है।
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