
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। त्योहारों की आहट के साथ ही आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आई है। चीनी के खुदरा मूल्य में हालिया उच्चतम स्तर से लगभग 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। कीमतों में आई इस गिरावट के बीच केंद्र सरकार ने बड़े थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी के स्टॉक रखने की समय सीमा को 15 दिनों से बढ़ाकर 30 दिन कर दिया है, हालांकि अतिरिक्त स्टॉक को लेकर एक विशेष शर्त भी लागू की गई है।
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त महीने में चीनी के खुदरा दाम 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे। अब इनमें करीब 10% की कमी आने से भाव गिरकर लगभग 58.50 रुपये प्रति किलो पर आ गए हैं। इस तरह आम उपभोक्ताओं को प्रति किलोग्राम सीधे 6.50 रुपये की राहत मिली है।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के मुताबिक, चीनी के एक्स-मिल (कारखाना) दामों में 25% तक की गिरावट आ चुकी है, जिसके मुकाबले खुदरा दरों में कमी थोड़ी कम रही है। विभाग ने व्यापारियों व खुदरा विक्रेताओं से अपील की है कि वे इस मूल्य कटौती का पूरा लाभ आम ग्राहकों तक पहुंचाएं।
त्योहारी मौसम में मीठे की बढ़ती खपत को देखते हुए सरकार ने हर महीने 10 टन से अधिक चीनी इस्तेमाल करने वाले बड़े थोक उपभोक्ताओं (जैसे मिठाई निर्माता, बिस्किट, कन्फेक्शनरी और सॉफ्ट ड्रिंक कंपनियां) के लिए स्टॉक सीमा 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दी है।
घरेलू खुले बाजार से खरीदी गई चीनी के लिए स्टॉक रखने की सीमा पहले की तरह 15 दिन ही रहेगी। बाकी अतिरिक्त 15 दिनों का स्टॉक केवल वही चीनी हो सकती है, जिसे 'एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम' (AAS) या 'टैरिफ रेट कोटा' (TRQ) के तहत आयात किया गया हो।
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बाजार में चीनी की कृत्रिम किल्लत और जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने निगरानी तंत्र को सख्त किया है। सभी बड़े थोक उपभोक्ताओं को हर शुक्रवार खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर अपने पास मौजूद चीनी के स्टॉक का ब्योरा देना अनिवार्य होगा।