
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर: सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की धौरपुर शाखा में ग्राहक के खाते से पांच लाख रुपये की अनाधिकृत निकासी का मामला सामने आया है। इस मामले में बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक की शिकायत पर धौरपुर पुलिस ने बैंक के ही सहायक प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
आरोप है कि जांच शुरू होते ही आरोपित सहायक प्रबंधक ने संपूर्ण राशि ग्राहक के खाते में जमा कर दी थी। आरोपित राजाबाबू सेमरिया सेंट्रल बैंक धौरपुर शाखा में सहायक प्रबंधक के पद पर पदस्थ था।
बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार ने अपनी शिकायत में बताया है कि 15 अप्रैल 2026 को ग्राहक अशोक यादव पिता सियाराम यादव शाखा में आया और बताया कि उसके बचत खाते से बिना जानकारी के पांच लाख रुपये निकाल लिए गए हैं। ग्राहक के अनुसार सात जनवरी 2026 को दो लाख रुपये, 20 जनवरी 2026 को 50 हजार रुपये, चार फरवरी 2026 को दो लाख रुपये और 11 मार्च 2026 को 50 हजार रुपये कुल पांच लाख रुपये की निकासी हुई थी। ग्राहक ने सीसीटीवी फुटेज देखने की मांग की।
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शाखा प्रबंधक और ग्राहक द्वारा फुटेज खंगालने पर पता चला कि सात जनवरी और चार फरवरी को चार लाख रुपये आरोपित सहायक प्रबंधक राजाबाबू सेमरिया ने ही निकाले थे। शेष एक लाख रुपये की निकासी 20 जनवरी और 10 मार्च को हुई, जिसका सीधे पता नहीं चल सका, लेकिन आरोपित ने 16 अप्रैल 2026 को पूरी पांच लाख रुपये की राशि नकद ग्राहक के खाते में वापस जमा कर दी। इससे यह माना गया कि शेष रकम भी उसी ने निकाली थी।
आरोप है कि आरोपित ने ग्राहक अशोक यादव के आहरण फॉर्म पर फर्जी अंगूठा निशान लगाकर जाली दस्तावेज तैयार किया और उसे असली के रूप में उपयोग कर खाताधारक की जानकारी के बिना रकम निकाल लिया।
इस पर धौरपुर पुलिस ने बीएनएस की धारा 316(5) आपराधिक न्यासभंग, 318(4) धोखाधड़ी, 336(3) जालसाजी और 340(2) जाली दस्तावेज को असली के रूप में उपयोग करना के तहत केस दर्ज किया है। प्रकरण की विवेचना जारी है।