
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर: किसी परिवार की खुशियां छीनकर और किसी का घर उजाड़कर शराब की कमाई से जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन करना उचित नहीं है। यदि सरकार के पास योजनाएं चलाने के लिए अन्य संसाधन नहीं हैं तो ऐसी व्यवस्था पर पुनर्विचार होना चाहिए। इसी भावना के साथ सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड के ग्राम दरिमा की महिलाएं शासकीय अंग्रेजी शराब दुकान के विरोध में खुलकर सामने आ गई हैं। कलेक्टर से पहले ही गुहार लगाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज महिलाओं ने सोमवार को फिर कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और 19 जून तक शराब दुकान नहीं हटाए जाने पर आंदोलन तथा अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान कर दिया।
महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि यदि 19 जून तक दरिमा स्थित अंग्रेजी शराब दुकान को नहीं हटाया गया तो उसी दिन विरोध रैली निकाली जाएगी। इसके बाद शराब दुकान के ठीक सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा, जो दुकान बंद होने तक जारी रहेगा।
कलेक्ट्रेट पहुंची आशा दास ने कहा कि सरकार के मंत्री यह कहते हैं कि शराब से होने वाली आय के कारण महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और किसान समृद्धि जैसी योजनाओं का संचालन संभव हो पा रहा है। उनका कहना था कि यदि इन योजनाओं का संचालन शराब की कमाई पर निर्भर है तो उन्हें ऐसे पैसे से मिलने वाला लाभ स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी परिवार को बर्बाद कर दूसरे परिवार का कल्याण नहीं किया जा सकता और सरकार को इस व्यवस्था पर गंभीरता से विचार करते हुए तत्काल शराब दुकान बंद करनी चाहिए।
महिलाओं ने शराब दुकान से उत्पन्न हो रही सामाजिक समस्याओं को भी विस्तार से रखा। सुमित्रा नायक और ज्योति ने बताया कि जिस स्थान पर अंग्रेजी शराब दुकान खोली गई है, उसके आसपास मंदिर, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और पानी टंकी स्थित हैं। शराब के नशे में लोग तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने और बोतलें फेंकने जैसी घटनाओं से पूरे क्षेत्र का माहौल दूषित हो रहा है।महिलाओं का कहना है कि शराबखोरी बढ़ने से पारिवारिक कलह, घरेलू हिंसा और सड़क दुर्घटनाओं की घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को हादसों में खोया है और इसका दर्द आज भी झेल रहे हैं। उनका कहना है कि गांव के सामाजिक वातावरण और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को देखते हुए दरिमा में शराब दुकान का संचालन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।ज्ञापन सौंपने के दौरान महिलाओं ने दो टूक कहा कि उनका आंदोलन केवल शराब दुकान हटाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुकान बंद होने तक पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
युवाओं के भविष्य को लेकर सशंकित हैं महिलाएं
दरिमा में शराब दुकान संचालन से महिलाएं कई प्रकार से सशंकित हो गई हैं। उनका कहना है कि पिछले वर्षों में दरिमा क्षेत्र से प्रतिवर्ष पुलिस विभाग में उप निरीक्षक के अलावा स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सक तथा दूसरे सरकारी पदों पर युवाओं का चयन होता था। लोग वर्षों से शांति व्यवस्था के साथ निवास कर रहे थे लेकिन शराब दुकान खुलने के बाद यहां का माहौल बिगड़ने लगा है। युवाओं में शराब का प्रचलन बढ़ गया है। आसान उपलब्धता के कारण वे भविष्य की भी चिंता नहीं कर रहे हैं। यह हमारे परिवारों की शांति,खुशहाली के लिए घातक साबित होगा।