सड़क पर ही थम गया डिप्टी सीएम का काफिला: महानदी के टूटे पुल को देख भड़के अरुण साव, तत्काल मरम्मत का दिया अल्टीमेटम
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव अपने सरगुजा प्रवास के दौरान बलरामपुर जाते समय प्रतापपुर में रुके और क्षेत्र के विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौर...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 08 Oct 2026 09:30:11 PM (IST)Updated Date: Thu, 08 Oct 2026 09:30:11 PM (IST)
जर्जर पुल की दशा देख नाराजगी जताते उपमुख्यमंत्री अरुण साव फोटो नईदुनियाHighLights
- बलरामपुर प्रवास के दौरान प्रतापपुर में रुके उपमुख्यमंत्री।
- प्रतापपुर-अंबिकापुर मार्ग पर महान नदी के पुल की दुर्दशा पर एक्शन।
- निर्माण कार्यों और पुलों की बदहाली पर अब अफसरों की खैर नहीं।
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर: अपने सरगुजा प्रवास के दौरान बलरामपुर जिले की ओर जाते समय उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रतापपुर-अंबिकापुर मार्ग पर महान नदी के जर्जर पुल की हालत देखी।
उन्होंने मौके पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा- “इतने बड़े ब्रिज की ये दुर्दशा, इसमें सुधार होगा या नहीं?” उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जब किसी भी पुल की मरम्मत की शासन स्तर पर स्वीकृति मिलने में कोई भी दिक्कत नहीं है तो फिर पुल की हालत ऐसी क्यों है।
उन्होंने अधिकारियों को पुल की तत्काल मरम्मत कर सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए। इस दौरान सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज भी मौजूद रहे। इधर, महान-तीन के सामने जर्जर सड़क का मुद्दा अब भी सवाल बना हुआ है।
प्रतापपुर के सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा सड़क की बदहाली को लेकर कई बार आंदोलन किया जा चुका हैं। प्रत्येक आंदोलन के बाद पीडब्ल्यूडी ने सड़क की हालत में सुधार किया, लेकिन महान-तीन से कोयला लेकर निकलने वाले भारी वाहनों के कारण सड़क कुछ ही समय में फिर जर्जर हो जाती है। उप मुख्यमंत्री की नजर महान नदी के पुल पर तो पड़ी, लेकिन महान-तीन के सामने की जर्जर सड़क शायद नजर नहीं आई।
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अधूरे पड़े आडिटोरियम का जल्द कराएंगे काम
प्रतापपुर पहुंचे छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव सांसद चिंतामणि महाराज,योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल तथा भाजपा सरगुजा के अध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया के साथ प्रतापपुर के ऑडिटोरियम पहुंचे जहां कई महीनों से काम बंद पड़ा है। उन्होंने सबसे पहले निर्माण कार्य का जायजा लिया तथा काम बंद होने की जानकारी ली। इस दौरान प्रतापपुर के नगर पंचायत उपाध्यक्ष अजीत शरण सिंह भी मौजूद थे।
प्रतापपुर के सामाजिक कार्यकर्ता राकेश मित्तल ने डिप्टी सीएम को बताया कि इसके लिए ओपन स्कूल से राशि मिली थी लेकिन फरवरी महीने में वहां से राशि वापस मांगने पत्र कलेक्टर सूरजपुर के पास आया था। तब से एजेंसी लोक निर्माण विभाग ने इसका काम बंद करा दिया है। डिप्टी सीएम ने पूरी स्थिति को समझा और आश्वस्त किया कि काम पूरा कराया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस सरकार के समय प्रतापपुर में ऑडिटोरियम के लिए करीब ढाई करोड़ की राशि आबंटित हुई थी जो यहां के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए टेंडर जारी किया था। बाबापारा में जमीन का चयन होने के बाद कई पेड़ काटे गए थे और 2025 के अंत में टेंडर पूरा होने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो गया था। इसका निर्माण कार्य चल ही रहा था कि फरवरी में काम बंद करने का आदेश ठेकेदार को दिया गया था जिसके बाद से ही यह काम बंद पड़ा है।