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चार किमी पैदल चलकर बलरामपुर कलेक्टर के पास पहुंचे एकलव्य विद्यालय के छात्र: भोजन में कीड़े और बदइंतजामी से फूटा गुस्सा

बलरामपुर के भेलवाडीह स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के छात्र घटिया भोजन, पानी की कमी और शिक्षकों के दुर्व्यवहार से नाराज होकर 4 किमी पैदल चलकर कलेक्टर क...और पढ़ें

By Asim Sen GuptaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Tue, 28 Jul 2026 09:29:16 AM (IST)Updated Date: Tue, 28 Jul 2026 09:29:16 AM (IST)
चार किमी पैदल चलकर बलरामपुर कलेक्टर के पास पहुंचे एकलव्य विद्यालय के छात्र: भोजन में कीड़े और बदइंतजामी से फूटा गुस्सा
कलेक्टर से मिलने पहुंचे विद्यार्थी

HighLights

  1. बलरामपुर में छात्रों का अनोखा और जोरदार प्रदर्शन।
  2. जिले के भेलवाडीह स्थित आवासीय विद्यालय का मामला।
  3. कलेक्टर ने दिए निष्पक्ष जांच के सख्त निर्देश।

नईदुनिया न्यूज,बलरामपुर: एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भेलवाडीह के छात्र-छात्राओं ने सोमवार को विद्यालय की अव्यवस्थाओं से नाराज होकर कलेक्टर से मिलने के लिए पैदल मार्च निकाल दिया। छात्र-छात्राएं विद्यालय से पंक्तिबद्ध होकर करीब चार किलोमीटर पैदल चलते हुए जिला मुख्यालय की ओर निकल पड़े। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और चनान नदी पुलिया के पास विद्यार्थियों को रोककर समझाइश देने का प्रयास किया।

मौके पर प्रभारी प्राचार्य धनेश्वर राम, आदिम जाति कल्याण विभाग की सहायक आयुक्त, नायब तहसीलदार एवं थाना प्रभारी बलरामपुर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा, लेकिन छात्र-छात्राएं पहले अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई का आश्वासन मिलने तक वापस लौटने को तैयार नहीं हुए। काफी देर तक समझाइश के बाद विद्यार्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल को कलेक्टर से मिलने भेजा गया, जबकि अन्य छात्रों को निजी स्कूल बस एवं एंबुलेंस की सहायता से वापस विद्यालय पहुंचाया गया।


विद्यार्थियों ने कलेक्टर के समक्ष बताया कि विद्यालय में कई विषयों के शिक्षक नहीं हैं, दोपहर का भोजन समय पर नहीं मिलता तथा मेन्यू के अनुसार भोजन भी उपलब्ध नहीं कराया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार भोजन में कीड़े तक मिल चुके हैं। इसके अलावा नहाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलता, पानी की टंकियों की नियमित सफाई नहीं होती, खेल मैदान व्यवस्थित नहीं है तथा लंबे समय से नई खेल सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है।

छात्र-छात्राओं ने कुछ शिक्षकों के व्यवहार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी समस्याएं नहीं सुनी जातीं, शिकायत करने पर डांटा जाता है और टीसी देने की धमकी दी जाती है। विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि आदिम जाति कल्याण विभाग की सहायक आयुक्त का निवास विद्यालय के समीप होने के बावजूद विद्यालय का नियमित निरीक्षण नहीं किया जाता।

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इस दौरान क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं बीडीसी सदस्य समीर सिंह देव भी विद्यालय पहुंचे और विद्यार्थियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कलेक्टर से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं लेकर सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

वहीं, कलेक्टर से मुलाकात के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी सभी शिकायतें विस्तार से रखीं। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच दल गठित कर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।उल्लेखनीय है कि स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य का संलग्नीकरण आदेश जारी होने के बावजूद उन्हें अब तक प्रभार से नहीं हटाया गया है।