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बलरामपुर जिले में तीन वर्ष बाद भी पूरा नहीं हुआ अतिरिक्त कक्ष: एक कमरे में लगती है दो कक्षाएं,ग्रामीणों में भारी आक्रोश

बलरामपुर के राजपुर विकासखंड स्थित शासकीय माध्यमिक शाला बिरनीपारा में स्कूल जतन योजना के तहत 16.40 लाख से बन रहा अतिरिक्त कक्ष तीन साल बाद भी अधूरा है।...और पढ़ें

By Anang Pal DixitEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Wed, 05 Aug 2026 09:05:54 AM (IST)Updated Date: Wed, 05 Aug 2026 09:05:54 AM (IST)
बलरामपुर जिले में तीन वर्ष बाद भी पूरा नहीं हुआ अतिरिक्त कक्ष: एक कमरे में लगती है दो कक्षाएं,ग्रामीणों में भारी आक्रोश
अधूरा पड़ा अतिरिक्त कक्ष

HighLights

  1. 16.40 लाख की लागत से बन रहा अतिरिक्त कक्ष लापरवाही की भेंट चढ़ा।
  2. छठवीं और सातवीं के बच्चों को एक ही कमरे में बैठाने की मजबूरी।
  3. छत ढलाई के बाद काम बंद होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बलरामपुर: बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बुढ़ाबगीचा के बिरनीपारा स्थित शासकीय माध्यमिक शाला में स्कूल जतन योजना के तहत स्वीकृत अतिरिक्त कक्ष का निर्माण करीब तीन वर्ष बाद भी अधूरा पड़ा है। लगभग 16 लाख 40 हजार रुपये की लागत से स्वीकृत इस भवन का निर्माण कार्य शुरू तो हुआ, लेकिन आरईएस विभाग और ठेकेदार की लापरवाही के चलते आज तक पूरा नहीं हो सका है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

जानकारी के अनुसार भवन की छत की ढलाई करीब दो वर्ष पहले ही हो चुकी थी, लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य पूरी तरह बंद हो गया। ठेकेदार द्वारा काम छोड़ दिए जाने के कारण भवन अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।


विद्यालय में वर्तमान में छठवीं से आठवीं तक की पढ़ाई संचालित होती है। तीन कक्षाओं के लिए केवल दो कमरे उपलब्ध होने के कारण छठवीं और सातवीं के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है। इससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है और विद्यार्थियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों का कहना है कि अतिरिक्त कक्ष बनने से विद्यार्थियों को अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ाने की सुविधा मिलती, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है।

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ग्रामीणों ने भी निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण लाखों रुपये की लागत वाला निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

वर्जन-

आपके माध्यम से यह तथ्य संज्ञान में आया है। संबंधितों को इसको तत्काल पूरा करने हेतु निर्देशित किया जाएगा।

आशुतोष चतुर्वेदी

सीईओ जिला पंचायत बलरामपुर