तहसीलदार से मारपीट अंबिकापुर में हंगामा: विधायक रामकुमार टोप्पो सहित 10 लोगों पर एफआईआर
सरगुजा जिले के सीतापुर में विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच हुआ विवाद थाने पहुँच गया है। तहसीलदार से राजपुर चौराहे पर मारपीट ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 28 May 2026 09:19:18 AM (IST)Updated Date: Thu, 28 May 2026 09:43:32 AM (IST)
HighLights
- सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो सहित 10 पर केस नायब तहसीलदार से मारपीट का आरोप
- कोतवाली पुलिस ने दर्ज की जीरो एफआईआर; सरगुजा के प्रशासनिक अधिकारियों में भारी आक्रोश
- विधायक की बहन से बहस के बाद बढ़ा विवाद; तहसीलदार तुषार मानिक पर भी दर्ज हुई FIR
नईदुनिया प्रतिनिधि,अंबिकापुर: सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र में बुधवार को प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच विवाद का मामला तूल पकड़ गया। नायब तहसीलदार से कथित मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो एवं उनके समर्थकों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। मामले के सामने आने के बाद जिले की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
जानकारी के अनुसार राजापुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राजपुर चौराहा में विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों ने उनके साथ सार्वजनिक रूप से मारपीट की तथा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की।
पुलिस ने मामले में विधायक रामकुमार टोप्पो, यूसुफ, नाजिम राजा, पंकज गुप्ता सहित करीब 10 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 221(1), 132 एवं 191(2) के तहत अपराध कायम किया है। कोतवाली पुलिस ने जीरो एफआइआर दर्ज कर मामले को आगे की जांच के लिए संबंधित थाना क्षेत्र को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत विधायक की चचेरी बहन सीमा धनकी और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच हुई कहासुनी से हुई। जानकारी के अनुसार सीमा धनकी किसी शासकीय कार्य को लेकर उप तहसील कार्यालय पहुंची थीं। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस हो गई, जो बाद में बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच गई।नायब तहसीलदार का आरोप है कि बाद में उन्हें राजपुर चौराहा बुलाया गया, जहां विधायक और उनके समर्थक पहले से मौजूद थे। वहां उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। घटना के बाद उन्होंने उच्च अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज कराई।
प्रशासनिक अधिकारियों में नाराजगी
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में भी नाराजगी देखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि सरकारी कर्मचारियों के साथ खुलेआम इस तरह की घटनाएं होंगी तो प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होगी। वहीं दूसरी ओर विधायक समर्थकों का कहना है कि पहले नायब तहसीलदार द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया था।
जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। विधायक की चचेरी बहन के शिकायत पर भी नायाब तहसीलदार के विरुद्ध अभद्र व्यवहार करने और गाली गलौज किए जाने का मामला दर्ज किया गया है।
खबर की चार मुख्य बातें
- दफ्तर से चौराहे तक पहुंचा विवाद: शासकीय कार्य के दौरान दफ्तर में शुरू हुई तकरार राजपुर चौराहे पर सार्वजनिक मारपीट और भारी हंगामे में तब्दील हो गई।
- क्रॉस एफआईआर दर्ज: पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए जहां एक ओर प्रशासनिक अधिकारी की रिपोर्ट पर केस लिखा, वहीं पीड़ित महिला की शिकायत पर अधिकारी को भी नामजद किया।
- नए कानून बीएनएस में कार्रवाई: कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की शासकीय सेवक पर हमला करने व दंगा भड़काने जैसी गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
- प्रशासनिक कामकाज प्रभावित: घटना के विरोध में स्थानीय राजस्व अधिकारियों और कर्मचारी संघों ने बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
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