
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालोद। नगर पालिका बालोद के ग्राम पाररास में शनिवार की सुबह एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना में 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। बस को ओवरटेक करने के दौरान दो बाइकों की जबरदस्त भिड़ंत हो गई, जिसमें एक बाइक का ब्रेक पैडल युवक की गर्दन में जा घुसा। हादसा इतना भयावह था कि घायल युवक को बचाने के लिए ग्लैंडर मशीन से लोहे के हिस्से को काटकर बाहर निकालना पड़ा।
युवक को गंभीर हालत में रायपुर रेफर किया गया, लेकिन युवक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार वामेंद्र साहू पिता तीर प्रसाद साहू (35) निवासी वार्ड क्रमांक 01 पाररास, शनिवार सुबह करीब 9 बजे बालोद से अपने घर पाररास लौट रहा था।
इसी दौरान बालोद से राजनांदगांव की ओर जा रही आनंद कंपनी की सफेद रंग की एक यात्री बस सीजी 19 एफ 1121 को ओवरटेक करने के प्रयास में उसकी बाइक दूसरी बाइक से टकरा गई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक का ब्रेक पैडल वामेंद्र साहू की गर्दन में घुस गया। लोहे का हिस्सा इतनी गहराई तक फंसा हुआ था कि उसे सामान्य तरीके से निकालना संभव नहीं था। इसके बाद विशेष सावधानी बरतते हुए ग्लैंडर मशीन की मदद से ब्रेक पैडल को काटकर बाहर निकाला गया।
हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। घायल युवक दर्द से कराह रहा था और उसकी हालत बेहद गंभीर थी। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उसे तत्काल जिला अस्पताल बालोद पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया। प्राथमिक उपचार के बाद युवक की हालत लगातार नाजुक बनी रही।
गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रायपुर रेफर कर दिया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। रायपुर ले जाते समय रास्ते में ही वामेंद्र साहू ने दम तोड़ दिया। मृत्यु के बाद शव को दुर्ग जिला अस्पताल लाया गया, जहां पंचनामा कार्रवाई के बाद देर शाम पोस्टमार्टम किया गया।
पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया। युवा उम्र में हुई इस दर्दनाक मौत से पाररास में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आज रविवार को वामेंद्र साहू का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बालोद थाना पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ओवरटेक के दौरान संतुलन बिगड़ने और तेज रफ्तार को हादसे का कारण माना जा रहा है। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करता है। ओवरटेक की जल्दबाजी ने एक परिवार से उसका बेटा, पति और सहारा छीन लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल है।