
नईदुनिया प्रतिनिधि, जगदलपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर आगमन पर जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट में उनका आत्मीय एवं गरिमामय स्वागत किया गया। राष्ट्रपति के आगमन पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री राम विचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने उनका स्वागत किया।

इस दौरान बस्तर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप, सांसद कांकेर भोजराज नाग, महापौर संजय पांडेय सहित वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भी राष्ट्रपति का अभिनंदन किया।

राष्ट्रपति मुर्मू विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा महोत्सव के महत्वपूर्ण आयोजन मुरिया दरबार में शामिल होने जगदलपुर पहुंची हैं। राष्ट्रपति का यह प्रवास बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत के लिए विशेष महत्व रखता है।
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मुरिया दरबार बस्तर दशहरा की ऐतिहासिक परंपरा का हिस्सा है। 75 दिवसीय पर्व में बाहर रैनी की परंपरा के अगले दिन जगदलपुर के सिरासार भवन में आयोजित इस दरबार में विभिन्न क्षेत्रों के मांझी, चालकी और पारंपरिक प्रतिनिधि जुटते हैं। रियासत के दौर में वे अपनी समस्याएं राजा के सामने रखते थे। आज यह मंच जनजातीय समाज की समस्याओं, अपेक्षाओं और परंपराओं को सामने लाने का माध्यम है।

इसे आदिम संसद इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यह सामूहिक विचार-विमर्श और जनसंवाद की पारंपरिक व्यवस्था का प्रतीक है। यह आधुनिक विधायी संसद नहीं, बल्कि बस्तर की विशिष्ट सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत है।
उल्लेखनीय है कि बस्तर दशहरा अपनी अनूठी परंपराओं, जनजातीय आस्था और सांस्कृतिक विशिष्टता के कारण देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। मुरिया दरबार इस महोत्सव की महत्वपूर्ण परंपरा है, जो ऐतिहासिक रूप से जनसंवाद और सामुदायिक सहभागिता का प्रतीक रहा है। राष्ट्रपति की इस आयोजन में सहभागिता से बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और गौरव प्राप्त हुआ है।
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