छत्तीसगढ़ के रसमड़ा स्टेशन पर कोयला मालगाड़ी में लगी आग, फायर ब्रिगेड ने टाला बड़ा हादसा
दुर्ग जिले के रसमड़ा रेलवे स्टेशन पर खड़ी एक कोयला लदी मालगाड़ी के डिब्बे में अचानक भीषण आग लग गई। घटना सुबह करीब 11:55 बजे की है। सूचना मिलते ही दुर् ...और पढ़ें
By Paritosh DubeyEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Mon, 15 Jun 2026 01:45:58 PM (IST)Updated Date: Mon, 15 Jun 2026 01:45:58 PM (IST)
मालगाड़ी मे लगी आग के अग्निशमन में जुटा कर्मी। नईदुनिया नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के अंतर्गत आने वाले रसमड़ा रेलवे स्टेशन पर आज एक बड़ा रेल हादसा होने से बच गया। स्टेशन पर खड़ी कोयले से भरी एक मालगाड़ी के वैगन (डिब्बे) में अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई। घटना दोपहर लगभग 11:55 बजे की है। कोयले के ढेर से अचानक लपटें और काले धुएं का गुबार उठता देख स्टेशन परिसर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। रेलवे अधिकारियों ने तुरंत इसकी सूचना नियंत्रण कक्ष और अग्निशमन विभाग को दी।
दमकल कर्मियों ने घेराबंदी कर पाया काबू
आग की सूचना मिलते ही दुर्ग जिला अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा कार्यालय से दमकल वाहन और कुशल जवानों के दल को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुंचने पर दमकल कर्मियों ने देखा कि एक पूरे डिब्बे में कोयला धधक रहा था और तेज हवा के कारण आग की लपटें बगल के अन्य डिब्बों की ओर बढ़ने का प्रयास कर रही थीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन दल ने तत्काल मोर्चा संभाला और पानी की तेज बौछारें मारकर आग की घेराबंदी शुरू की।
जांच में जुटा रेल प्रशासन
अग्निशमन कर्मियों की कड़ी मशक्कत और सूझबूझ के बाद आग को पूरी तरह से नियंत्रित कर लिया गया। दमकल कर्मियों ने आग को उसी वैगन तक सीमित रखा और शेष ट्रेन में फैलने से रोक दिया, जिससे करोड़ों रुपये की संपत्ति और एक बड़ा ग्रिड हादसा टल गया।
कोयले में आंतरिक घर्षण से आग लगने की आशंका
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, कोयले में आंतरिक घर्षण (सेल्फ-कंबशन) या अत्यधिक गर्मी के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि रेल प्रशासन ने मामले की आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। इस पूरी घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह के निर्देशन में दल प्रभारी धन्नु यादव, संतोष, निखिल, रमेश, योगेश और हरीश ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
पहले भी कई जगहों पर मालगाड़ियों में लगी आग
कोयला लदी मालगाड़ियों में अत्यधिक तापमान, हवा के संपर्क और घर्षण के कारण स्वतः दहन (Spontaneous Combustion) से आग लगने की घटनाएं हाल के समय में देश के विभिन्न रेल रूटों पर देखी गई हैं:
24 फरवरी 2026 (बोकारो, झारखंड): चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत बोकारो से उत्तर भारत की ओर जा रही कोयला मालगाड़ी के 2 वैगनों में तुपकाडीह स्टेशन के पास अचानक धुआं उठने लगा। ट्रेन को तुरंत रोककर रेलवे और स्थानीय दमकल विभाग ने पानी डालकर कोयले को ठंडा किया।
12 अप्रैल 2026 (संबलपुर, ओडिशा): कोयला खदानों से बिजली संयंत्र की ओर जा रही एक मालगाड़ी के डिब्बे में संबलपुर रेल खंड पर आग लग गई। सतर्क गेटमैन की सूचना पर गाड़ी को लूप लाइन पर लेकर आग बुझाई गई।
19 मई 2026 (मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश): पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) रेल रूट पर जा रही मालगाड़ी के 1 वैगन में अत्यधिक गर्मी के कारण कोयले ने आग पकड़ ली। मिर्जापुर स्टेशन पर त्वरित तकनीकी टीम ने ओएचई (OHE) की बिजली बंद कर आग पर काबू पाया था।