
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। दुर्ग के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उच्च शिक्षा संचालनालय ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया और मीडिया में प्रकाशित उन खबरों के आधार पर की गई जांच के बाद हुई है, जिनमें सरकारी वाहन के कथित दुरुपयोग, दुर्घटनाग्रस्त वाहन की मरम्मत में अनियमितता और शासकीय राशि के उपयोग जैसे गंभीर आरोप सामने आए थे।
क्षेत्रीय कार्यालय, उच्च शिक्षा दुर्ग की जांच रिपोर्ट के आधार पर आयुक्त, उच्च शिक्षा संचालनालय ने 23 जुलाई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि प्रथम दृष्टया जांच में कई बिंदुओं पर अनियमितताएं सामने आई हैं।
कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप से कारण बताओं नोटिस में 5 बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है। इसमें शासकीय वाहन CG-02-6681 का नियमों के विपरीत निजी उपयोग, दुर्घटनाग्रस्त वाहन की मरम्मत में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना विश्वविद्यालय की शासकीय राशि का उपयोग, वाहन की मरम्मत के बाद भी बीमा दावा (इंश्योरेंस क्लेम) नहीं कराने का आरोप, सरकारी वाहन के मेंटेनेंस पर आवश्यकता से अधिक खर्च किए जाने को लेकर सवाल और दुर्घटना के बाद वाहन को सीधे अधिकृत प्रक्रिया के बजाय निजी स्तर पर मरम्मत कराए जाने और भुगतान प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं की आशंका को लेकर जवाब मांगा गया है।
यह मामला विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप की सरकारी कार की मरम्मत के भुगतान से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार 17 फरवरी को कुलसचिव की कथित गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उसकी मरम्मत कराई गई थी। मरम्मत के नाम पर करीब 24 हजार रुपए के भुगतान का आरोप है।
इस मामले को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने उठाया था। एबीवीपी ने 3 जून को कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप के कैबिन में पहुंचकर हंगामा किया था और मामले में शासन स्तर पर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद उच्च शिक्षा आयुक्त द्वारा दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी किया है।