
बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि।उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सोमवार को केंद्रीय जेल के सामने प्रख्यात कवि एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा का अनावरण किया। नगर निगम बिलासपुर द्वारा स्वतंत्रता संग्राम और साहित्य में उनके योगदान तथा बिलासपुर से जुड़े ऐतिहासिक संबंध को संजोए रखने के लिए यह प्रतिमा स्थापित की गई है। इस अवसर पर महापौर पूजा विधानी, नगर निगम सभापति विनोद सोनी, जिला अध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस अवसर पर कहा कि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी का जीवन राष्ट्रप्रेम, त्याग और समर्पण की प्रेरणा देता है। उन्होंने अपनी लेखनी से देशवासियों में स्वतंत्रता की चेतना जगाई। बिलासपुर के लिए यह गौरव की बात है कि यहां की केंद्रीय जेल में ‘पुष्प की अभिलाषा’ जैसी कालजयी कविता की रचना हुई। श्री साव ने कहा कि उनकी प्रतिमा नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से परिचित कराते हुए देश और समाज के प्रति अपने दायित्व निभाने के लिए प्रेरित करेगी। महापुरुषों की स्मृतियों को सहेजना उनके विचारों और मूल्यों को आगे बढ़ाने का माध्यम है।
‘एक भारतीय आत्मा’ के नाम से विख्यात पंडित माखनलाल चतुर्वेदी का बिलासपुर केंद्रीय जेल से गहरा ऐतिहासिक संबंध रहा है। असहयोग आंदोलन के दौरान वे 5 जुलाई 1921 से 1 मार्च 1922 तक बिलासपुर केंद्रीय जेल की बैरक क्रमांक 9 में कैदी संख्या 1527 के रूप में निरुद्ध रहे। कारावास के इसी दौर में उन्होंने 18 फरवरी 1922 को अपनी अमर कविता ‘पुष्प की अभिलाषा’ की रचना की। मातृभूमि के लिए सर्वस्व समर्पित करने की भावना से ओतप्रोत इस कविता की पंक्तियां आज भी देशवासियों में राष्ट्रप्रेम का संचार करती हैं।
बिलासपुर केंद्रीय जेल की बैरक क्रमांक 9 को उनकी स्मृति में स्मारक के रूप में सहेजा गया है। अब जेल के सामने उनकी प्रतिमा की स्थापना से शहर की गौरवशाली साहित्यिक विरासत और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी स्मृतियों को नई पहचान मिली है।