नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: त्योहार का उत्साह है, घर पहुंचने की जल्दी है और अपनों के साथ खुशियां बांटने की उमंग भी। लेकिन, ट्रेनों की लेटलतीफी यात्रियों के इस उत्साह पर पानी फेर रही है। रेलवे स्टेशनों पर घंटों इंतजार करने के बाद भी यात्रियों को राहत नहीं मिल रही। हालत यह है कि गीतांजलि, आजाद हिंद, मेल, दरभंगा और छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें 12 से 16 घंटे तक विलंब से चल रही हैं। ऐसे में त्योहार मनाने घर जा रहे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
मंजिल तक समय पर पहुंचने की चिंता के बीच यात्रियों का गुस्सा रेलवे की व्यवस्था पर फूट रहा है। त्योहारी सीजन शुरू होते ही ट्रेनों में यात्रियों की आवाजाही बढ़ गई है। दूसरे शहरों में नौकरी, कारोबार और पढ़ाई करने वाले लोग परिवार के साथ पर्व मनाने के लिए घर लौट रहे हैं। किसी को परिवार के साथ त्योहार मनाना है, तो किसी को पूजा-पाठ में शामिल होना है। ऐसे में ट्रेनों की लंबी देरी ने उनकी योजनाएं बिगाड़ दी हैं। जिन यात्रियों ने समय पर पहुंचने की उम्मीद में टिकट बुक कराया था, उन्हें अब घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
प्रमुख ट्रेनों के घंटों विलंब से चलने के कारण यात्रियों को स्टेशन पर लंबे समय तक रुकना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और परिवार के साथ सफर करने वालों को हो रही है। ट्रेन कब पहुंचेगी और मंजिल तक पहुंचने में कितना समय लगेगा, इसे लेकर भी यात्री असमंजस में हैं।
यात्रियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान रेलवे को ट्रेनों का परिचालन समय पर रखने के लिए विशेष व्यवस्था करनी चाहिए। इसके बावजूद प्रमुख ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। यात्रियों में इस अव्यवस्था को लेकर नाराजगी है।
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जानिए कौन सी ट्रेन कितनी विलंब
रविवार की रात 1:25 बजे पहुंचने मुंबई-हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस 14 घंटे देर से चल रही है। इसी तरह दरभंगा-हैदराबाद एक्सप्रेस 5 घंटे, कामाख्या-एलटीटी एक्सप्रेस भी 10 घंटे और एर्नाकुलम एक्सप्रेस चार घंटे देरी से बिलासपुर पहुंची। इसके अलावा आजाद हिंद एक्सप्रेस 5:25 घंटे, पुरी -ऋषिकेश योग नगरी उत्कल एक्सप्रेस 5:31 घंटे और साउथ बिहार एक्सप्रेस ढाई घंटे विलंब से बिलासपुर पहुंची।
मुंबई-हावड़ा मेल 2 घंटे, भुवनेश्वर-एलटीटी सुपरफास्ट 5 घंटे विलंब से पहुंची। वहीं हावड़ा- पुणे आजाद हिंद एक्सप्रेस 14 घंटे और गंगा नगर पुरी 3 घंटे विलंब से पहुंची। अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस 16:31घंटे और पुणे- हावड़ा आजाद हिंद 11:40 घंटे देरी से चल रही है।
बिलासपुर जोन में ही चलने वाली ट्रेनें लेटलतीफ
ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर अक्सर यह कहा जाता है कि ट्रेनें दूसरे जोन से छूटी है। लेटलतीफी प्रारंभिक स्टेशन से ही हुई है। यात्री यह मान भी लेते हैं कि लंबी दूरी की ट्रेन और दूसरे जोन से छूटने के कारण विलंब हुई है। लेकिन, रेलवे बिलासपुर जोन की सीमा क्षेत्र में चलने वाली ट्रेनों को भी तय समय पर नहीं चला पा रही है।
यही कारण है कि गोंदिया -रायगढ़ जनशताब्दी एक्सप्रेस 01 घंटे, रायगढ़ -बिलासपुर मेमू 04 घंटे, कटनी-बिलासपुर मेमू 2:30 घंटे देर से जोनल स्टेशन पहुंची।