
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। शहर में करोड़ों रुपये की जमीन की रजिस्ट्री कर रकम नहीं देने का मामला सामने आया है। मामले में सिविल लाइन पुलिस ने महिला की शिकायत पर भारतीय नगर निवासी युवक के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपित ने चेक देने का भरोसा दिलाकर जमीन अपने नाम करा ली, लेकिन आज तक भुगतान नहीं किया।
कोतवाली क्षेत्र के गोंडपारा स्थित सांई मंदिर के पास रहने वाली मंजूलता आनंद (60) अपने भतीजे प्रतीक आनंद के साथ थाना पहुंचीं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी मां स्वर्गीय गिरिजा बाई आनंद के नाम पर व्यापार विहार क्षेत्र में 2180 वर्गफुट भूमि थी। इस जमीन का सौदा भारतीय नगर निवासी अंकित कुमार एक्का से एक करोड़ 90 लाख 86 हजार रुपये में तय हुआ था।
शिकायत के अनुसार 19 मार्च 2026 को जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। आरोपित ने भुगतान के लिए चार चेक देने की बात कही थी। रजिस्ट्री के दौरान दस्तावेज में चेक नंबर भी दर्ज कराया गया। बाद में आरोपित ने कहा कि वह स्वयं चेक खाते में जमा करा देगा। आरोप है कि रजिस्ट्री के बाद न तो खाते में कोई राशि आई और न ही आरोपित भुगतान कर रहा है। आरोपित लगातार मिलने से भी इंकार कर रहा है। महिला ने रजिस्ट्री निरस्त करने और आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले में धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रजिस्ट्री के बाद खाते में नहीं आई रकम
आवेदिका मंजूलता आनंद ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि जमीन बिक्री की पूरी रकम चेक के माध्यम से देने की बात कही गई थी। आरोपी ने चार चेक देने का भरोसा दिलाकर रजिस्ट्री कराई। आवेदन के मुताबिक रजिस्ट्री दस्तावेज में चेक नंबर भी अंकित कराया गया, जिससे उन्हें भरोसा हो गया कि भुगतान हो जाएगा।
महिला का कहना है कि रजिस्ट्री के बाद आरोपित ने खुद चेक खाते में जमा कराने की बात कही, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी खाते में एक रुपये तक जमा नहीं हुआ। जब उन्होंने आरोपित से संपर्क करने का प्रयास किया तो वह मिलने से बचता रहा। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस का सहारा लिया। पुलिस अब बैंक खातों, चेक और रजिस्ट्री दस्तावेज की जांच कर रही है।
मुख्तियारनामा के आधार पर हुई थी जमीन की रजिस्ट्री
पुलिस के अनुसार जमीन का सौदा मुख्तियारनामा के आधार पर किया गया था। शिकायतकर्ता मंजूलता आनंद ने अपनी दादी के नाम की जमीन की ओर से प्रक्रिया पूरी कराई थी। रजिस्ट्री के समय आरोपी ने भुगतान का आश्वासन दिया था, जिसके बाद जमीन उसके नाम दर्ज हो गई। मामले में यह भी सामने आया है कि रजिस्ट्री के बाद आरोपित ने जमीन का नामांतरण भी अपने नाम पर करा लिया। इसके बावजूद बिक्री की रकम नहीं दी गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपित द्वारा बताए गए चेक वास्तविक थे या नहीं तथा खाते में पर्याप्त राशि थी या नहीं। मामले में दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और संबंधित पक्षों के बयान लिए जाएंगे।
कुछ मुख्य बातें —
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