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क्यूआर कोड से खाते में डलवाए ठगी के रुपये और कैश लेकर भागा एक्टिवा सवार, बिलासपुर में बड़ा साइबर फ्रॉड

बिलासपुर जिले में च्वाइस सेंटर संचालकों को कमीशन का लालच देकर साइबर ठगी की रकम उनके खातों में डलवाने और बदले में नकद लेकर भागने का सनसनीखेज मामला सामन...और पढ़ें

By Mohammad Safraj MemonEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 10:40:31 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 10:40:30 PM (IST)
क्यूआर कोड से खाते में डलवाए ठगी के रुपये और कैश लेकर भागा एक्टिवा सवार, बिलासपुर में बड़ा साइबर फ्रॉड
प्रतीकात्मक चित्र (एआइ निर्मित)

HighLights

  1. बिलासपुर में च्वाइस सेंटर संचालकों के खातों से साइबर ठगी।
  2. क्यूआर कोड से रकम डलवाकर कैश लेकर भागा एक्टिवा सवार।
  3. 8 संचालकों के साथ 1.39 लाख रुपये की धोखाधड़ी दर्ज।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: च्वाइस सेंटर संचालकों को कमीशन का लालच देकर साइबर ठगी की रकम उनके बैंक खातों में डलवाने और बदले में नकदी लेकर निकल जाने का मामला सामने आया है। इस तरीके से कई संचालकों के खातों में रकम जमा कराई गई। बाद में साइबर फ्राड की जानकारी मिलने पर बैंक खातों को होल्ड कर दिया गया।

मामले में देवेन्द्र रजक ने रेंज साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की है।हिर्री क्षेत्र के ग्राम खरकेना निवासी देवेन्द्र रजक बिल्हा मोड़ स्थित लक्ष्मी च्वाइस सेंटर का संचालन करते हैं। पांच अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12:38 बजे नीले रंग की एक्टिवा से एक व्यक्ति उनके सेंटर पहुंचा। उसने क्यूआर कोड के जरिए खाते में रकम डलवाने और बदले में नकद लेने की बात कही।


संचालक की सहमति के बाद उसने क्यूआर कोड की फोटो अपने मोबाइल से लिया और किसी अन्य व्यक्ति को भेज दिया। इसके बाद खाते में 16 हजार रुपये जमा हुए। देवेन्द्र ने एक्टिवा सवार को पूरी रकम नकद दे दी। बदले में उसे 150 रुपये सर्विस चार्ज मिला।

अगले दिन बैंक खाता होल्ड होने पर उन्होंने चकरभाठा स्थित एसबीआइ शाखा में जानकारी ली। तब पता चला कि उनका खाता साइबर फ्राड से जुड़ी रकम के कारण होल्ड किया गया है। देवेन्द्र ने 12 अक्टूबर को पुलिस को आवेदन देकर एक्टिवा चालक के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग की है। शिकायत पर रेंज साइबर थाने में जुर्म दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

सात अन्य संचालक भी हुए प्रभावित

शिकायत में देवेन्द्र रजक ने सात अन्य च्वाइस सेंटर संचालकों के नाम भी दिए हैं। इनमें राकेश कौशिक निवासी हिर्री, राकेश कुमार साहू निवासी जरौंधा, छत्रपाल गेन्ड्रे निवासी उसलापुर, दीपक कुमार वस्त्रकार निवासी परसदा (भरनी), राहुल कुमार साहू निवासी जरेली, आकाश पालीवाल निवासी रतनपुर और भूपेन्द्र सिंह निवासी फिरंगीपारा, करगीरोड कोटा शामिल हैं। शिकायत के मुताबिक इन संचालकों के साथ एक लाख 39 हजार 899 रुपये की धोखाधड़ी हुई है।

पहचान के लिए दिए आधार कार्ड

शिकायतकर्ता के अनुसार एक्टिवा सवार व्यक्ति ने अपनी पहचान के तौर पर अंकित आहूजा और रमेश सिंह के नाम वाले आधार कार्ड दिए थे। ये दस्तावेज वास्तविक पहचान के हैं या नहीं, इसकी पुष्टि होना बाकी है। वहीं, पीड़ितों ने बताया कि आरोपित युवक एक एक्टिवा में आता था। उन्होंने एक्टिवा का नंबर भी पुलिस को सौंप दिया है। इसके आधार पर पुलिस आरोपित की तलाश कर रही है।

दूसरे सेंटर संचालकों से मिली जानकारी

जिले के विभिन्न क्षेत्रों में च्वाइस सेंटर संचालकों का एक वाट्सएप ग्रुप है। देवेन्द्र रजक के मुताबिक इसी ग्रुप के माध्यम से उन्हें अन्य संचालकों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी होने की जानकारी मिली। शिकायत में यह भी आशंका जताई गई है कि दूसरे लोगों के खातों में साइबर ठगी की रकम जमा कराकर उनसे नकदी ली गई। इससे संबंधित अन्य शिकायतों और प्रभावित खातों की संख्या की जानकारी नहीं मिल पाई है। शिकायत सामने आने के बाद दूसरे जिलों से भी पीड़ितों के सामने आने की बात कही जा रही है।

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