
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। व्यापार विहार में खरीदारी करने पहुंचे एक व्यापारी को झाड़-फूंक और पूजा के नाम पर परेशानी दूर करने का झांसा देकर बदमाशों ने तीन लाख रुपये से भरा बैग पार कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पीड़ित व्यापारी ने आसपास के लोगों की मदद से बदमाशों की तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चल सका। शिकायत मिलने के बाद तारबाहर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नवागढ़ निवासी जनकराम साहू लहसून और मिर्च खरीदने शुक्रवार दोपहर व्यापार विहार पहुंचे थे। उनके साथ उनका बेटा उमेश साहू भी था। खरीदारी को आसान बनाने के लिए दोनों अलग-अलग स्थानों पर चले गए। इसी दौरान जनकराम साहू के पास दो युवक पहुंचे और बातचीत शुरू की।
युवकों ने खुद को ऐसा व्यक्ति बताया जो पूजा-पाठ और झाड़-फूंक के जरिए लोगों की परेशानी दूर करता है। उन्होंने व्यापारी से कहा कि अगर वे अगरबत्ती मंगा दें तो बिना किसी खर्च के उनकी समस्या दूर कर देंगे। व्यापारी उनके झांसे में आ गया और पास की दुकान से अगरबत्ती लेकर आ गया।
इसी दौरान दोनों युवकों ने उसे बातचीत और कथित पूजा की प्रक्रिया में उलझाए रखा। मौका मिलते ही एक युवक तीन लाख रुपये से भरा बैग लेकर बाइक से भाग निकला। कुछ देर बाद व्यापारी को बैग गायब होने का एहसास हुआ। उन्होंने शोर मचाया और अपने बेटे उमेश साहू को फोन कर बुलाया।
इसके बाद दोनों व्यापार विहार स्थित सीसीटीवी कंट्रोल रूम पहुंचे, जहां फुटेज देखने पर पूरी घटना सामने आई। फुटेज में दोनों संदिग्धों की गतिविधियां कैद मिली हैं। पीड़ित की शिकायत पर तारबाहर थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के कैमरों की जांच कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
पुलिस के अनुसार बदमाशों ने घटना को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया। उन्होंने सीधे रुपये या बैग पर नजर नहीं डाली, बल्कि पहले व्यापारी से बातचीत कर विश्वास जीतने की कोशिश की। झाड़-फूंक और पूजा से परेशानी दूर करने जैसी बातें कर मानसिक रूप से प्रभावित किया। इसके बाद अगरबत्ती लाने के बहाने व्यापारी का ध्यान भटकाया गया। पुलिस मान रही है कि इस तरह की वारदात करने वाला गिरोह पहले भी सक्रिय हो सकता है। इसलिए पुराने मामलों का रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है।
घटना के बाद व्यापारी और उसके बेटे ने तुरंत सीसीटीवी कंट्रोल रूम पहुंचकर फुटेज देखा। इसमें संदिग्ध युवकों की गतिविधियों का रिकार्ड मिला। पुलिस अब फुटेज के आधार पर आरोपितों के हुलिए और आने-जाने के रास्ते की पड़ताल कर रही है। आसपास के अन्य प्रतिष्ठानों और सड़कों पर लगे कैमरों का फुटेज भी जुटाया जा रहा है। जांच अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी साक्ष्यों से आरोपितों तक पहुंचना आसान हो सकता है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सार्वजनिक स्थानों पर अजनबियों की बातों में न आएं। झाड़-फूंक, पूजा, चमत्कार या परेशानी दूर करने के नाम पर बातचीत करने वालों से सतर्क रहें। बड़ी राशि लेकर चलने पर उसे खुला न रखें और अकेले न रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या आसपास के लोगों को दें। बाजार और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतर्कता ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मानी जा रही है।