
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने विद्युत उपभोक्ताओं के कनेक्शन और उनके रिकार्ड को अधिक प्रमाणिक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की है। बिलासपुर विद्युत रीजन अंतर्गत बिलासपुर, जीपीएम, मुंगेली एवं कोरबा जिले के लगभग आठ लाख 57 हजार 800 निम्नदाब उपभोक्ताओं की ई.केवाईसी कराई जाएगी।
जिसकी शुरुआत मंगलवार से हो चुकी है। यह प्रक्रिया उपभोक्ता डेटाबेस को सटीक बनाने और यह सुनिश्चित करने में मदद करेगी कि कनेक्शन का उपयोग करने वाला व्यक्ति वास्तविक एवं वैध है। ई.केवाईसी के माध्यम से विद्युत कनेक्शन से संबंधित उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी कि वर्तमान में कनेक्शन का उपयोग कौन कर रहा है।
इस प्रक्रिया से विद्युत कंपनी को अपने उपभोक्ता रिकार्ड को व्यवस्थित एवं अद्यतन करने के साथ वास्तविक उपभोक्ताओं का प्रमाणिक डेटाबेस तैयार करने में मदद मिलेगी। विद्युत कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ई.केवाईसी की पूरी प्रक्रिया नि्श्शुल्क है और इसके लिए उपभोक्ता से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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ई-केवाईसी के लिए तीन विकल्प
उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ई-केवाईसी के लिए तीन विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। इसके तहत उपभोक्ता मोर बिजली मोबाइल एप के माध्यम से खुद आनलाइन ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में उपस्थित होकर अधिकृत कर्मचारियों के माध्यम से ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसके अलावा मीटर रीडर उपभोक्ता के घर पहुंचकर मोबाइल एप के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करेगा।
कनेक्शन व आधार कार्ड में नाम अलग तो करा सकते हैं सुधार
बिजली वितरण कंपनी के अनुसार ई-केवाईसी के दौरान उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन आधार आथेंटिकेशन के माध्यम से ओटीपी, फिंगरप्रिंट व फेस आथेंटिकेशन से किया जा सकेगा।
यदि किसी उपभोक्ता का नाम विद्युत कनेक्शन एवं आधार कार्ड में अलग है, तो पहले विद्युत कनेक्शन में नाम सुधार करना होगा, जिसके लिए केवल नाम में त्रुटि होने पर किसी तरह प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। वहीं मालिकाना हक में परिवर्तन होने पर नियमानुसार शुल्क और दस्तावेज देने होंगे।