चालक गार्ड बदलने दो बार रुकी मालगाड़ी, जीएम ने उसलापुर रेलवे स्टेशन के सीएसएम व क्रू कंट्रोलर को किया सस्पेंड
उसलापुर रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के सामने लांगहाल ट्रेन को स्टाफ बदलने के लिए दो बार रोकना भारी पड़ गया। परिचालन में द...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 07 Sep 2026 11:34:44 PM (IST)Updated Date: Mon, 07 Sep 2026 11:34:44 PM (IST)
उसलापुर स्टेशनHighLights
- प्लेटफार्म नंबर दो पर घटी इस घटना से बिलासपुर रेल मंडल में मचा हड़कंप।
- उसलापुर रेलवे स्टेशन पर लांगहाल ट्रेन के परिचालन में लापरवाही बरतने पर गिरी गाज।
- एक सौ सोलह वैगन वाली इस लंबी मालगाड़ी को दो बार रोकना पड़ा भारी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: उसलापुर रेलवे स्टेशन पर लांगहाल (दो मालगाड़ी) को चालक और गार्ड बदलने के लिए दो बार रोकना भारी पड़ गया। संयोग से उसी समय दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश स्टेशन का निरीक्षण कर रहे थे। मालगाड़ी के संचालन में हुई इस देरी पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की लापरवाही से समयबद्ध परिचालन कैसे सुनिश्चित होगा।
जीएम ने मौके पर ही जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद संबंधित विभागाध्यक्षों ने मुख्य स्टेशन मास्टर (सीएसएम) और क्रू कंट्रोलर (सीसी) को निलंबित कर दिया। बीते शुक्रवार को बिलासपुर से कटनी की ओर कोयला लोड लांगहाल जा रहा था। लांगहाल में सामने वाले इंजन में चालक व सहायक चालक तथा अंतिम छोर पर गार्ड तैनात रहता है। इसके अलावा पीछे जुड़ी दूसरी मालगाड़ी के अंतिम डिब्बे में भी गार्ड की ड्यूटी होती है। इस डिब्बे को गार्ड केबिन कहा जाता है।
उसलापुर में चारों रनिंग स्टाफ को बदलकर दूसरे कर्मचारियों को ड्यूटी संभालनी थी। शाम करीब 4:50 बजे लांगहाल प्लेटफार्म दो पर पहुंचा तो चालक और गार्ड की ड्यूटी बदली गई। करीब 10 मिनट से अधिक रुकने के बाद लांगहाल रवाना हुआ। लेकिन जैसे ही पीछे जुड़ी दूसरी मालगाड़ी का अंतिम डिब्बा प्लेटफार्म पर पहुंचा, उसे फिर रोक दिया गया। इस दौरान पहले से ड्यूटी पर तैनात गार्ड उतरा और दूसरे गार्ड ने ड्यूटी संभाली। इसमें करीब चार से पांच मिनट का समय लगा और इसके बाद लांगहाल दोबारा रवाना हुआ।
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यह पूरा घटनाक्रम निरीक्षण कर रहे जीएम तरुण प्रकाश की नजरों के सामने हुआ। उन्होंने अधिकारियों से व्यवस्था को लेकर पूछताछ की और कहा कि स्टाफ बदलने के लिए मालगाड़ी को बार-बार रोकना परिचालन की दृष्टि से उचित नहीं है। इससे मालगाड़ियों की समयबद्धता प्रभावित होने के साथ रेलवे को भी नुकसान होता है। इसके बाद उन्होंने तत्काल लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए।
महाप्रबंधक के आदेश पर तत्काल उसलापुर में सीएसएम वीके लोधी और क्रू कंट्रोलर एपी चतुर्वेदी को सस्पेंड कर दिया गया।
प्लेटफार्म पर आए बिना गार्ड का बदलना मुश्किल
कार्रवाई के बाद रेलवे में यह भी चर्चा है कि लांगहाल में गार्ड बदलने की व्यावहारिक दिक्कत को नजरअंदाज किया गया। जिस मालगाड़ी के परिचालन पर कार्रवाई हुई, उसमें करीब 58 वैगन थे। दो मालगाड़ियों को जोड़कर चलाए जा रहे लांगहाल में लगभग 116 वैगन थे। ऐसे में दूसरी मालगाड़ी का अंतिम डिब्बा प्लेटफार्म से करीब एक से डेढ़ किलोमीटर दूर था।
गार्ड को ड्यूटी बदलने के लिए ट्रैक के रास्ते यह दूरी तय कर गार्ड केबिन तक पहुंचना पड़ता। यही स्थिति ड्यूटी खत्म करने वाले गार्ड के सामने भी आती। यदि यह व्यवस्था नहीं की गई तो दोनों गार्ड को पहले से निर्धारित स्थान पर पहुंचना पड़ेगा, जो व्यावहारिक रूप से उचित नहीं है।