पासबुक में लाखों, सर्वर में शून्य, धमतरी में एसबीआई कियोस्क संचालक ने की एक करोड़ की ठगी
धमतरी जिले के भखारा स्थित एसबीआई के कियोस्क सेंटर संचालक केशव राम साहू ने बड़ा घोटाला किया है। आरोपित संचालक ने खाताधारकों से जमा राशि को बैंक खाते मे...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 24 Aug 2026 06:02:49 PM (IST)Updated Date: Mon, 24 Aug 2026 06:04:28 PM (IST)
ठगी के शिकार लोगों के गुस्से की प्रतीकात्मक एआई तस्वीर।HighLights
- केवल पासबुक में फर्जी एंट्री कर रकम हजम कर रहा था संचालक
- डेढ़ करोड़ के घोटाले का खुलासा होने पर पीड़ितों का फूटा गुस्सा
- भखारा थाने में शिकायत दर्ज, पुलिस आरोपित कियोस्क संचालक की तलाश में जुटी
नईदुनिया प्रतिनिधि, धमतरी। धमतरी जिले की नगर पंचायत भखारा में लोगों का भरोसा उस समय बुरी तरह टूट गया, जब उन्हें पता चला कि वे जिस कियोस्क बैंकिंग सुविधा पर आंख बंद करके विश्वास करते थे, उसी के संचालक ने उनके साथ विश्वासघात किया है। दरअसलख् स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कियोस्क सेंटर का संचालक केशव राम साहू पिछले काफी समय से गरीबों और भोली-भाली जनता की गाढ़ी कमाई को डकार रहा था।
आरोपित केशव साहू का ठगी करने का तरीका भी शातिर था। जब भी कोई खाताधारक अपने खाते में रुपये जमा कराने आता, तो वह शातिर संचालक उस रकम को बैंक के मुख्य सर्वर में डालने के बजाय केवल खाताधारक की पासबुक में एंट्री कर देता था। दूर-दराज से आने वाले लोग पासबुक पर मुहर देखकर खुश हो जाते थे कि उनकी रकम सुरक्षित जमा हो गई है। लेकिन, असल में वह पैसा बैंक की मशीन में चढ़ा ही नहीं और सीधे संचालक की जेब में जाता रहा।
भंडाफोड़ और मचा हड़कंप
इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब कुछ लोगों को अपने लेनदेन को लेकर संदेह हुआ और उन्होंने मेन ब्रांच में जाकर पड़ताल की। जब बैंक अधिकारियों ने बताया कि उनके खाते में तो वर्षों से कोई बड़ी रकम जमा ही नहीं हुई है, तो पीड़ितों के पैरों तले जमीन खिसक गई। धीरे-धीरे यह बात पूरे इलाके में जंगल की आग की तरह फैली। एक के बाद एक कई पीड़ितों ने पाया कि उनके साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी हुई है।
पुलिस ने दर्ज किया
अब तक ठगी की रकम एक करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। घोटाले से हतप्रभ खाताधारकों की भीड़ भखारा थाने पहुंची और आरोपित केशव राम साहू के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और वे तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। आरोपित संचालक अब पुलिस के डर से फरार हो गया है, और पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। इस घटना ने कियोस्क बैंकिंग सेंटरों की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।