
नईदुनिया प्रतिनिधि, धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थानीय किसान यूरिया खाद के लिए भटक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जिले का यूरिया अवैध रूप से पड़ोसी राज्य ओडिशा और बस्तर के खेतों में खपाया जा रहा है। प्रशासनिक नियमों और पॉश मशीनों के कड़े प्रावधान केवल मजबूर और ईमानदार किसानों के लिए ही सिरदर्द बने हुए हैं, जबकि खाद माफिया और कृषि केंद्र संचालक बिना किसी रोकटोक के धड़ल्ले से कालाबाजारी को अंजाम दे रहे हैं।
कृषि विभाग के तमाम दावों के विपरीत धमतरी के नगरी ब्लॉक में सरकारी नियंत्रण पूरी तरह कागजी साबित हो रहा है। किसानों को खाद खरीदने के लिए बी-वन, ऋण पुस्तिका और तमाम दस्तावेजों के साथ पॉश मशीन में अंगूठा लगाने की शर्त पर उलझाया जाता है। इसके विपरीत, नियम को ताक पर रखकर कृषि केंद्र संचालक माफिया को बिना किसी कागजात के 75 से 200 बोरी तक यूरिया थोक में बेच रहे हैं।
कागजों में 266 रुपये प्रति बोरी मिलने वाली यूरिया को तस्करों को 500-500 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से खुलेआम बेचा जा रहा है। बेलर से घुरावड़ मार्ग इन दिनों तस्करों और अवैध परिवहन का सबसे सुरक्षित गलियारा बन चुका है, जहां से रोजाना भारी वाहन धड़ल्ले से गुजर रहे हैं।
इस पूरे अवैध कारोबार में स्थानीय अधिकारियों की कार्यशैली और संलिप्तता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नियुक्त फर्टिलाइजर अधिकारी जिला मुख्यालय के सुख-सुविधाओं में मस्त रहते हैं और मैदानी इलाकों से हमेशा नदारद पाए जाते हैं। हाल ही में पकड़े गए मामलों में पिकअप और मेटाडोर वाहनों से भारी मात्रा में यूरिया बस्तर और ओडिशा ले जाते हुए पकड़ा गया है, जिसके चालकों ने भी दुकानदारों द्वारा अधिक कीमत वसूलने और बिना बिल के माल बेचने की पोल खोल दी है।
ओडिशा व बस्तर में धमतरी के यूरिया खाद अवैध ढंग से जाने की जानकारी मिली है। यह खाद जिले के किन-किन कृषि केन्द्रों से जा रही है, इसकी जांच कराएंगे। कृषि विभाग लगातार खाद व कीटनाशक दुकानों में स्टाक की जांच कर कार्रवाई कर रहे हैं, ताकि धमतरी जिले के किसानों को किसी तरह दिक्कतें न हो।
- मोनेश कुमार साहू, उपसंचालक कृषि धमतरी