
नईदुनिया प्रतिनिधि, धमतरी। शासन द्वारा प्रतिबंधित संगठन ओड़िसा राज्य कमेटी के धमतरी, गरियाबंद, नुआपाड़ा डिवीजन के नगरी एरिया कमेटी, सीतानदी एरिया कमेटी तथा मैनपुर एलजीएस के नौ माओवादियों ने हथियार के साथ आत्म समर्पण किया है। इन माओवादियों ने बड़ी संख्या में हथियार भी समर्पण किया है। एसपी सूरज सिंह परिहार से मिली जानकारी के अनुसार समर्पित माओवादियों में ज्योति उर्फ जैनी उर्फ रेखा डीव्हीसीएम सीतानदी एरिया कमेटी सचिव है। इस पर आठ लाख रुपये का इनाम था। इनके पास से इंसास राइफल बरामद किया गया है।
इसी तरह उषा उर्फ बालग्गा डीव्हीसीएम टेक्निकल (डीजीएन) है। इस पर भी आठ लाख रुपये के इनाम था, इंसास हथियार जब्त किया गया है। रामदास मरकाम उर्फ आयता उर्फ हिमांशु, पूर्व गोबरा एलोएस कमांडर है, जो वर्तमान में नगरी एसीएम है। इस पर पांच लाख का इनाम है। इसी तरह रोनी उर्फ उमा सीतानदी एरिया कमेटी कमाडर है। इस पर भी पांच लाख का इनाम है। ये कार्बाइन हथियार के साथ समर्पण किया है। निरंजन उर्फ पोदिया सीनापाली एससीएम टेक्निकल (डीजीएन) है, इस पर भी पांच लाख रुपये का इनाम था।
एसएलआर हथियार के साथ समर्पण किया है। सिंधु उर्फ सोमड़ी एसीएम ने भी भरमार हथियार के साथ समर्पण किया है। इस पर भी पांच लाख का इनाम घोषित था। इसी तरह रीना उर्फ चिरो एसीएम सीनापाली एरिया कमेटी /एलजीएस ने भी समर्पण किया है। इस पर भी पांच लाख का इनाम घोषित था। वहीं अमीला उर्फ सन्नी एसीएम / मैनपुर ने भी समर्पण किया है, इस पर भी पांच लाख का इनाम था। लक्ष्मी पूनेम उर्फ आरती उषा की बॉडीगार्ड ने भी समर्पण किया है। इस पर एक लाख रुपये का इनाम था। इस तरह कुल नौ माओवादियों ने समर्पण किया है।
माओवादियों ने कुल पांच आटोमेटिक हथियार, एक भरमार बंदूक के साथ जिला धमतरी में आत्मसमर्पण किया है। कुल 47 लाख की इनामी माओवादियों का आत्मसमर्पण हुआ है। जिले में सक्रिय सभी माओवादी एरिया कमेटियों को सम्पूर्ण रूप से समर्पण कराने के लिए शासन के आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति के माध्यम से निरंतर अपील किया जा रहा था। लगातार धमतरी पुलिस की टीम, डीआरजी एवं सीआरपीएफ के द्वारा माओवादी विरोधी अभियान के तहत निरंतर चल रहे प्रयास एव दबाव से प्रभावित होकर आत्म समर्पण किया है। माओवादियों ने हिंसा एवं विनाश के मार्ग को त्याग कर अपने हथियार के साथ आत्मसमर्पण किया है।
आत्म समर्पित माओवादी ज्योति उर्फ जैनी उर्फ रेखा उम्र 28 वर्ष ग्राग-पेद्दा कोरगा, थाना एवं जिला- बीजापुर है। यह वर्ष 2006 को माओवादी संगठन में शामिल होकर बीजापुर जिले में सक्रिय रही। वर्ष 2023 को में धमतरी गरियाबंद नुआपाड़ा डिवीजीन में सक्रिय रही। थाना बोरई, थाना मेचका तथा गरियाबंद में दो अपराध दर्ज है। इसके खिलाफ कुल सात माओ अपराध दर्ज हैं। इसी तरह उषा उर्फ बालम्मा उम्र 45 वर्ष, ग्राम चंदावली जिला मंचीराला, तेलंगाना से है। डीव्हीसी टेक्नीकल विभाग छग में भ्रमण कर माओवादी के हथियारों की रिपेयरिंग करना था।
मैनपुर के भालूडीह के एनकाउंटर जिसमें प्रमोद मारा गया था, में शामिल था। वर्ष 2002 को माओवादी संगठन में शामिल होकर तेलंगाना में सक्रिय रही। 2015 में छग के जिला धमतरी में सक्रिय रहीं। इसके खिलाफ गरियाबंद में दो अपराध दर्ज है। इसी तरह रामदास मरकाम उर्फ आयता उर्फ हिमांशु उम्र 30 वर्ष, ग्राग- गरकागुडा थाना पागेड जिला बीजापुर निवासी है। वर्ष 2011 को पामेड़ जिला बीजापुर में माओवादी संगठन में शामिल हुआ। 2013 में छग० के जिला धमतरी में सकिय रहा। इसके खुलाफ़ थाना बोरई, खल्लारी तथा गरियाबंद में 15 माओवादी को मिलाकर कुल 25 अपराध दर्ज है।
वही रोनी उर्फ उमा उर्फ चिन्नी हेमला उम्र 25 वर्ष ग्राग- सावनार थाना गगालूर, जिला बीजापुर निवासी है। वह वर्ष 2006 को जगरगुण्डा, जिला सुकमा में माओवादी संगठन में शामिल हुआ। 2007 में छग के जिला धमतरी में सक्रिय रहा। थाना खल्लारी ,गरियाबंद में 14 अपराध समेत कुल 16 माओवादी अपराध दर्ज है। इसी तरह निरंजन उर्फ पोदिया उम्र 25 वर्ष, ग्राम जगरगुण्डा, जिला सुकमा है। वर्ष 2017 को जगरगुण्डा, जिला सुकमा में नक्सल संगठन में शामिल हुआ।
2018 से छग के उड़ीसा राज्य एरिया कमेटी के डीजीएन में सक्रिय रहा। गरियाबंद में दो माओवादी अपराध दर्ज है। इसी तरह सिंधु उर्फ सोमड़ी उम्र 25 वर्ष ग्राम- गादगुडा थाना पामेड जिला बीजापुर है। वर्ष 2015 को पामेड़ जिला बीजापुर में नक्सल संगठन में शामिल हुआ। 2016 से छग० के उडीसा राज्य एरिया कमेटी के डीजीएन में सक्रिय रहा। नक्सल संगठन में हथियार रिपेयरिंग का काम करती थी। गरियाबंद में एक नक्सल अपराध दर्ज है। रीना उर्फ चिरो उम्र 25 वर्ष ग्राग- कावानार थाना छोटे डोगर जिला नारायणपुर है।
वर्ष 2008 को छोटे डोंगर जिला नारायणपुर में नक्सल संगठन में शामिल हुआ। 2009 से छग० के जिला धमतरी में सक्रिय रहा। थाना बोरई तथा गरियाबंद में 15 अपराध समेत कुल 16 माओवादी अपराध दर्ज है। अमीला उर्फ सन्नी उम्र 25 वर्ष ग्राम टेकलगुड़ा थाना उसूर जिला बीजापुर है। वर्ष 2008 को उसूर जिला बीजापुर में नक्सल संगठन में शामिल हुआ। 2013 से छग० के जिला धमतरी में सक्रिय रहा। थाना खल्लारी, गरियाबंद में दो अपराध समेत कुल 3 नक्सल अपराध दर्ज है। वहीं लक्ष्मी पूनेम उर्फ आरती उषा उम्र 18 वर्ष ग्राम- कोरासागुड़ा थाना बासागुड़ा जिला बीजापुर है। वर्ष 2008 को उसूर जिला बीजापुर में नक्सल संगठन में शामिल हुआ।वर्ष 2013 से छग के जिला धमतरी में सक्रिय रहा। गरियाबंद में एक नक्सल अपराध दर्ज है।
समर्पित माओवादियों ने अपने साथ इंसास रायफल 2 नग, मैगजीन 3, राउण्ड 37, एसएलआर रायफल 2 नग, मैगजीन 04, राउण्ड 18. कार्बाइन 1 नग, मैगजीन 2, राउण्ड 12. भरमार बंदूक 1 नग, 1 रेडियो सेट, (वॉकी-टॉकी) इत्यादि दैनिक उपयोगी सामग्री लाया गया है।
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शासन की आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति के तहत समर्पण करने पर पद अनुरूप ईनाम राशि की सुविधा, हथियार के साथ रागर्पण करने पर ईनाग राशि की सुविधा, बीगार होने पर स्वास्थ्य सुविधा, आवारा की सुविधा, रोजगार की सुविधा को देखते हुये इनके कई माओवादी साथी (अजय, भूमिका, टिकेश, प्रमीला इत्यादि) आत्मसमर्पण कर शासन के इन्ही योजनाओं का लाभ उठा रहे है, जिसके बारे में इन लोगो को पोस्टर, बैनर व पाम्प्लेट तथा आत्मसमर्पित माओवादियों के हाथों से लिखी गई अपील व स्थानीय ग्रामीणों के माध्यम से संदेश दिया जाता था। इसके अतिरिका दूरदराज के नक्सल प्रभावित गांवो में लगातार सिविक एक्शन के तहत युवाओं में खेल प्रतियोगिता करायी जा रही थी। धमतरी पुलिस द्वारा जगल गांवों में प्रसारित किया गया था।