
नईदुनिया प्रतिनिधि, दुर्ग। मोहन नगर थाना क्षेत्र में छह साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में न्यायालय ने दोषी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। मृत्युदंड पाने वाला आरोपित मासूम बच्ची का चाचा है। घटना सात अप्रैल 2025 की है।
घटना के मुताबिक, रामनवमी के अवसर पर बच्ची कन्या भोज में शामिल होने के लिए सुबह अपने घर से निकली थी। इसके बाद वह अचानक लापता हो गई। दोपहर तक बच्ची के घर नहीं लौटने पर स्वजन ने आसपास उसकी तलाश की। बच्ची का पता नहीं चलने पर उन्होंने मोहन नगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बच्ची की तलाश शुरू की। इसी दौरान बच्ची के घर के पास ट्रांसफार्मर के समीप खड़ी एक कार में उसका शव मिला। बच्ची के शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान थे। पुलिस ने जांच के बाद मामले में 24 वर्षीय चाचा के खिलाफ अपराध दर्ज किया।
विवेचना पूरी करने के बाद प्रकरण सुनवाई के लिए अपर सत्र न्यायाधीश अनिष दुबे के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने दोष प्रमाणित होने पर आरोपित को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 6(1) के तहत मृत्युदंड और पांच हजार रुपये अर्थदंड, भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मृत्युदंड और पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 238(क) के तहत पांच वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक रूपवर्षा दिल्लीवार ने प्रकरण की पैरवी की।
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