
अभिषेक राय, नईदुनिया, रायपुर। कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत छत्तीसगढ़ में पार्टी की वापसी के लिए मिशन बस्तर शुरू कर दिया है। वे तीन दिनों के बस्तर प्रवास पर पहुंच रहे हैं। भगत सात से नौ अक्टूबर तक संभाग के प्रमुख जिलों कांकेर, जगदलपुर और दंतेवाड़ा का दौरा करेंगे। इस दौरान वे स्थानीय नेताओं, जनप्रतिनिधियों और जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कर संगठन की वस्तुस्थिति की पड़ताल करेंगे।
बस्तर संभाग की राजनीति छत्तीसगढ़ की सत्ता की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाती रही है। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने संभाग की 12 में से 11 सीटों पर परचम लहराया था। हालांकि 2023 के आम चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और वह सिमटकर केवल चार सीटों पर रह गई। इस चुनावी झटके के बाद से ही संगठन में बिखराव की स्थिति बनी हुई थी। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का यह सघन दौरा कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय कर खोया जनाधार पुनः हासिल करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुखदेव भगत बुधवार सुबह रायपुर से बस्तर के लिए रवाना होंगे। अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान वे स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं और जनता के बीच सरकार के प्रति असंतोष के बिंदुओं पर फीडबैक लेंगे। दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान वे बाढ़ प्रभावित इलाकों का मौका मुआयना करेंगे और पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत भी इस पूरे दौरे में उनके साथ उपस्थित रहेंगे, जिससे इस दौरे का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।
राजनीतिक गलियारों में सुखदेव भगत के इस शुरुआती दौरे को लेकर कई तरह की चर्चाएं गर्म हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल पूरा हो चुका है और वे स्वयं बस्तर से आते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि प्रदेश प्रभारी का यह दौरा सिर्फ कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए प्रदेश नेतृत्व की जमीनी पकड़ और संगठनात्मक प्रभाव का भी निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाएगा।