जशपुर पुलिस का दुनिया में डंका! वर्ल्ड रिकॉर्ड से मिला बड़ा सम्मान, अब सुरक्षित रहेगा हर ग्रामीण
जशपुर पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के लिए बुधवार को जिले के सभी 766 गांवों में एक साथ हेलमेट जागरूकता जनचौपाल लगाकर 'गोल्डन ब...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 25 Jun 2026 11:34:34 AM (IST)Updated Date: Thu, 25 Jun 2026 11:34:34 AM (IST)
जशपुर पुलिस का अभियान हिट ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में नाम दर्जHighLights
- 400 ग्राम सभा से पास कराया यातायात नियमों के पालन का प्रस्ताव
- ढाई साल में 807 की मौत के बाद पुलिस ने शुरू किया जागरूकता अभियान
- साल के अंत तक सड़क दुर्घटना में 50 मौत कम करने का लक्ष्य
नईदुनिया प्रतिनिधि,जशपुरनगरः सड़क दुर्घटना में हो रही जनहानि के आंकड़ों को थामने के लिए बुधवार को जशपुर पुलिस ने जागरूकता महाभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने जिले के सभी 766 गांवों में एक साथ हेलमेट जागरूकता जनचैपाल का आयोजन किया। इन सभी जनचैपालों में पुलिस के एक-एक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रह कर हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग करने के साथ यातायात नियमों का पालन करानेे की शपथ दिलाई।
जशपुर पुलिस के इस आयोजन को गोल्डन बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड में जगह मिली है। एसपी कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में एसएसपी डा लाल उमेद सिंह ने बताया कि इस आयोजन का लक्ष्य साल 2026 में बीते वर्ष 2025 की तुलना में कम से कम 50 मौत के आंकड़े कम करना है। पुलिस विभाग के आंकडे के अनुसार बीते वर्ष जिले की सड़कों में 311 मौत सड़क दुर्घटना में हुई थी।
उन्होनें बताया कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। इसकी शुरूआत कार्यभार सम्हालने के साथ ही शुरू कर दिया था। अभियान के शुरूआत में जिले के सभी थाना और चैकियों में 30 बाईक रैली का आयोजन किया गया। इसके साथ ही जिले में वाहन जांच अभियान के दौरान 60 हजार वाहन चालकों से यातायात नियम का पालन करने और हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग करने को लेकर सात वचन के आन लाईन फार्म भरवाए गए। आम लोगों को जागरूक करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित 3000 जनप्रतिनिधि व अधिकारियों से अपील करवा कर इंटरनेट मिडिया में अपलोड कराया गया।
जिले में यातायात नियम पालन का वातावरण बनाना
एसएसपी डा सिंह ने बताया कि पुलिस प्रशासन के इस लगातार चल रहे जागरूकता अभियान का लक्ष्य जिले में यातायात नियमों का पालन करने के लिए आदर्श वातावरण तैयार करना है ताकि लोग हेलमेट और सीटबेल्ट प्रयोग करना अपने आदत में शामिल कर सके। ऐसा होने पर सड़क दुर्घटना में होने वाली जनहानि का आंकड़ा स्वतः ही कम हो जाएगा।
जागरूकता और आदर्श वातावरण वह काम कर सकती है जो कोई चालान नहीं कर सकता। उन्होनें बताया कि आने वाले दिनों में पुलिस पंपलेट वितरण अभियान शुरू करेगी। इसमें वाहन चालकों को हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग ना करने और यातायात नियमों में लापरवाही बरतने पर नये कानून के तहत लगने वाले जुर्माने की जानकारी दी जाएगी।
अंतिम चरण में की जाएगी सख्ती -
सड़क दुर्घटना रोकने के लिए चलाए जा रहे इस अभियन के अंतिम चरण में पुलिस प्रशासन ने सख्ती बरतने की योजना भी बनाई है। प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी सिंह ने बताया कि अभियान के आखिरी चरण में लापरवाह वाहन चालकों पर सख्ती बरती जाएगी। जिले भर में विशेष जांच अभियान चला कर हेलमेट का प्रयोग ना करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उनके वाहन को जब्त कर चालान पटाने या हेलमेट खरीदने का विकल्प दिया जाएगा।
एक नजर आंकड़ों पर -
- बीते ढाई साल में दुर्घटना में हुई मौत - 807
- जिले में हेलमेट जागरूकता रैली - 30
- वाहन चालकों से आन लाईन लिये गए वचन - 60,000
- जनप्रतिनिधियों से कराई गई अपील - 3000
- एक दिन में जागरूकता चैपाल - 766
- पंचायतों के ग्रामसभा में पारित प्रस्ताव - 400
वर्जन -
जिले में सड़क दुर्घटना में होने वाली जनहानि को कम करने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। इसी कड़ी में बुधवार को जिले के 760 गांव में जागरूकता जन चैपाल का आयोजन कर इसे आनलाईन रिकार्ड किया गया। इसके साथ ही 400 से अधिक ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित किया गया है। इसे गोल्डन बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड में जगह मिली है। अभियान जारी रहेगा।’’ डा लाल उमेद सिंह,एसएसपी,जशपुर।