धरमजयगढ़ से ट्रक में कोरबा आया, पेड़ों पर ग्लाइड करने वाला रंग-बिरंगा उड़न सांप
कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर में धरमजयगढ़ से आए एक ट्रक की हाइड्रोलिक मशीनरी में दुर्लभ 'उड़न सांप' छिपा हुआ मिला। चालक अनिल निषाद की सूचना पर पहुंची सरीस...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 06 Sep 2026 11:14:49 PM (IST)Updated Date: Sun, 06 Sep 2026 11:14:49 PM (IST)
ट्रक में चढ़ा हुआ सांपHighLights
- कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रक में मिला उड़न सांप।
- धरमजयगढ़ के जंगलों से ट्रक में सवार होने की आशंका।
- सुरक्षित रेस्क्यू के बाद प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा: ट्रांसपोर्ट नगर स्थित ट्रक स्टैंड में एक ट्रक के अंदर चालक की नजर बेहद आकर्षक और रंग-बिरंगे सांप पर पड़ी। सांप का रंग-रूप सामान्य सांपों से अलग होने के कारण चालक अनिल निषाद उसकी पहचान नहीं कर सका। उन्होंने वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद सरीसृप बचाव दल की टीम मौके पर पहुंची और सांप की पहचान उड़न सांप के रूप में की।
सांप ट्रक के पीछे लगी हाइड्रोलिक मशीन के पास छिपा हुआ था। मशीनरी के बीच होने के कारण उसे सुरक्षित निकालना चुनौतीपूर्ण था। सूचना मिलते ही सरीसृप बचाव दल के अध्यक्ष अविनाश यादव के साथ मनस, उमेश, सौम्य और अतुल मौके पर पहुंचे। टीम ने सावधानीपूर्वक सांप को बाहर निकाला। मामले की जानकारी कोरबा वनमंडल अधिकारी जितेंद्र उपाध्याय को दी गई।
उ पवन मंडल अधिकारी सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में सांप को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। ट्रक चालक अनिल निषाद ने बताया कि ट्रक सामान लेकर धरमजयगढ़, छाल और घरघोड़ा होते हुए कोरबा पहुंचा था। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि सांप रास्ते में किसी स्थान से ट्रक पर चढ़ गया होगा और उसी के साथ कोरबा पहुंच गया। हालांकि वह ट्रक पर कहां चढ़ा और कितनी दूरी तय की, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। समय रहते चालक की नजर पड़ने से सांप ट्रक की मशीनरी में फंसने और घायल होने से बच गया। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें। उससे दूरी बनाए रखते हुए वन विभाग या अधिकृत सर्प रेस्क्यू दल को सूचना दें।
पेड़ों पर रहता है उड़न सांप
उड़न सांप को क्रिसोपेलिया आरनाटा कहा जाता है। यह पेड़ों पर रहने वाला सांप है। इसे उड़न सांप इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह पेड़ों से छलांग लगाकर हवा में एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक ग्लाइड कर सकता है। यह पक्षियों की तरह पंखों के सहारे नहीं उड़ता। छलांग लगाने के बाद यह अपने शरीर को चपटा और चौड़ा कर लेता है, जिससे हवा में दूरी तय करने में मदद मिलती है। शरीर को लहराकर यह अपनी दिशा को भी नियंत्रित कर सकता है। इसके शरीर पर दिखाई देने वाले आकर्षक रंग और पैटर्न इसे सामान्य सांपों से अलग पहचान देते हैं।