
नईदुनिया प्रतिनिधि, बांकीमोंगरा : क्षेत्र में अवैध शराब, नशीली गोलियों और अन्य मादक पदार्थों का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। शाम होते ही कई स्थानों पर नशेड़ियों का जमघट लग जाता है। नशे में धुत लोगों की हरकतों से आसपास के रहवासियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं और युवतियों को होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार नशे की हालत में राह चलती महिलाओं पर छींटाकशी की जाती है और विरोध करने पर विवाद की स्थिति बन जाती है।
नशे का यह कारोबार अब केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह गया है, बल्कि सामाजिक चिंता का विषय बनता जा रहा है। क्षेत्र में कम उम्र के बच्चे और किशोर भी नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक दिन के मुकाबले शाम ढलने के बाद अवैध शराब बिक्री और नशेड़ियों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। कुछ स्थानों पर लोग खुले में बैठकर शराब पीते दिखाई देते हैं।
नशे में होने के बाद आपस में विवाद, गाली-गलौज और मारपीट की स्थिति भी बनती है। इससे आसपास रहने वाले परिवारों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। नशे की हालत में चाकू लेकर घूमने और छोटी-छोटी बातों पर मारपीट जैसी घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। क्षेत्र में अपराध का माहौल बनने के पीछे नशे को बड़ा कारण माना जा रहा है। हाल के दिनों में जिले के अलग-अलग हिस्सों में मारपीट और अवैध शराब के मामलों में पुलिस कार्रवाई भी हुई है।
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महिलाओं और युवतियों की बढ़ रही परेशानी
शाम के समय बाजार, मुख्य मार्ग और मोहल्लों से गुजरने वाली महिलाओं को नशेड़ियों के कारण असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे में धुत युवक राह से गुजरने वाली महिलाओं और युवतियों पर टिप्पणी करते हैं। कई महिलाएं विवाद से बचने के लिए रास्ता बदलने को मजबूर होती हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी और नशेड़ियों के जमावड़े पर प्रभावी कार्रवाई हो तो स्थिति काफी हद तक नियंत्रित की जा सकती है।
नशीली गोलियों की बिक्री पर भी सवाल
अवैध शराब के साथ नशीली गोलियों की बिक्री भी गंभीर चिंता का विषय है। ऐसी दवाओं के अवैध इस्तेमाल को रोकने के लिए औषधि विभाग की ओर से भी नियमित निगरानी जरूरी है। हाल ही में राज्यव्यापी विशेष अभियान के तहत बांकीमोंगरा क्षेत्र के औषधि प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया था और नशीली एवं मन:प्रभावी दवाओं के क्रय-विक्रय तथा भंडारण संबंधी अभिलेखों की जांच की गई थी। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर नशीली गोलियों के अवैध कारोबार की शिकायतें सामने आती हैं तो संबंधित विभागों को इसकी जड़ तक पहुंचने की जरूरत है।
कार्रवाई के बावजूद बिक रही अवैध शराब
अवैध शराब के खिलाफ पुलिस और आबकारी विभाग समय-समय पर कार्रवाई करते रहे हैं। पुलिस ने एक अभियान के दौरान जिले में बड़ी संख्या में अवैध शराब जब्त करने की कार्रवाई भी की है। बांकीमोंगरा क्षेत्र में भी पहले अवैध महुआ शराब के मामलों में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई हो चुकी है।इसके बावजूद यदि किसी इलाके में लगातार अवैध शराब और नशे की बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं तो सवाल कार्रवाई की निरंतरता और निगरानी को लेकर उठना स्वाभाविक है।