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VVIP बंदोबस्त में 2 युवकों की मौत का मामला, जानिए क्यों कोर्ट ने दिया SP और DGP दफ्तर की कुर्की का आदेश

कोरबा के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने VVIP बंदोबस्त में लगी बिना बीमा वाली पुलिस बस की टक्कर से दो युवकों की मौत के मामले में 43.14 लाख रुपये का मुआवज...और पढ़ें

By Devendra GuptaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Sun, 06 Sep 2026 07:45:46 PM (IST)Updated Date: Sun, 06 Sep 2026 07:45:46 PM (IST)
VVIP बंदोबस्त में 2 युवकों की मौत का मामला, जानिए क्यों कोर्ट ने दिया SP और DGP दफ्तर की कुर्की का आदेश
पुलिस अधीक्षक कार्यालय कोरबा

HighLights

  1. वीवीआइपी बंदोबस्त में लगी बस ने बाइक को मारी थी टक्कर।
  2. जांजगीगर- चांपा जिले के एक ही गांव के दो युवकों की हुई थी मौत।
  3. अब तक नहीं मिली 43.14 लाख रुपये क्षतिपूर्ति।

नईदुनिया प्रतिनिधि,कोरबा: वीवीआइपी बंदोबस्त में लगी पुलिस विभाग की मिनी बस की टक्कर से दो युवकों की मौत के मामले में क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान नहीं करने पर न्यायालय ने कोरबा पुलिस अधीक्षक (एसपी) और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। दुर्घटना 27 सितंबर 2023 को रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र में पिपरिया-पारपोड़ी मुख्य मार्ग पर शाम करीब 6.30 बजे हुई थी।

दुर्घटना में बाइक चला रहे बैजनाथ कंवर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि पीछे बैठे उनके मित्र रवि यादव की उपचार के दौरान मृत्यु हुई थी। घटना के वक्त मिनी बस का इंश्योरेंस नही था। बैजनाथ कंवर बाइक चला रहे थे और रवि यादव उसके पीछे बैठा था। इसी दौरान वीवीआइपी बंदोबस्त के लिए तैनात पुलिस विभाग की मिनी बस क्रमांक सीजी-10-5354 वहां पहुंची। आरोप है कि चालक बिजेंद्र कुमार कंवर ने बस को तेज गति और लापरवाही से चलाते हुए बाइक को टक्कर मार दी।


घटना में बैजनाथ की घटनास्थल पर मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल रवि यादव को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। दुर्घटना के बाद दोनों मृतक के स्वजन ने क्षतिपूर्ति के लिए मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, कोरबा में अलग-अलग प्रकरण प्रस्तुत किए। बैजनाथ के मामले में उनकी पत्नी सुजाता कंवर, माता- पिता और दाे नाबालिग बच्चाें ने दावा किया।

रवि यादव के मामले में उनकी पत्नी जुगमणी व दाे नाबालिग बच्चों ने दावा किया। दोनों मृतक एक ही गांव ग्राम हेडसपुर, जिला जांजगीर-चांपा के निवासी थे। दोनों प्रकरणों की सुनवाई प्रथम अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, कोरबा में हुई। पीठासीन अधिकारी गरिमा शर्मा ने 14 जनवरी 2026 को दोनों मामलों में फैसला सुनाया।

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अधिकरण ने बैजनाथ कंवर के आश्रितों को 26 लाख नौ हजार 200 रुपये तथा रवि यादव के आश्रितों को 17 लाख पांच हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। दोनों मामलों में कुल 43 लाख 14 हजार 200 रुपये की राशि निर्धारित हुई। इस राशि पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय है। अधिकरण ने दुर्घटना के लिए मिनी बस चालक की लापरवाही को जिम्मेदार माना।

चूंकि वाहन पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़ के नाम पंजीकृत था और इंश्योरेंस की वैध तिथि भी समाप्त हो गई थी, इसलिए कोरबा पुलिस अधीक्षक व पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़ को भी पक्षकार बनाया गया। अधिवक्ता महेंद्र अग्रवाल का कहना है कि मृतक के आश्रितों को क्षतिपूर्ति राशि विधिक प्रयास किया जा रहा, राशि मिलने पर उन्हें राहत मिलेगी। एक माह में राशि जमा करने का था आदेशअधिकरण ने क्षतिपूर्ति राशि जमा करने के लिए एक माह का समय निर्धारित किया था।

इसके बावजूद आदेश के बाद पांच माह से अधिक समय बीत गया और दोनों परिवारों को निर्धारित राशि का भुगतान नहीं हो सका। राशि जमा नहीं होने पर क्षतिपूर्ति की वसूली के लिए न्यायालय में आगे की कार्रवाई की गई। इसी प्रक्रिया में अब कोरबा पुलिस अधीक्षक और पुलिस महानिदेशक कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया गया है।

11 हजार आय मानकर की गई क्षतिपूर्ति की गणना

मृतकों की आय के पर्याप्त दस्तावेज नहीं मिलने पर श्रम आयुक्त कार्यालय के निर्धारित मानकों को आधार बनाया गया। बैजनाथ की मासिक आय 11 हजार रुपये मानकर भविष्य की आय में 40 प्रतिशत वृद्धि, उम्र के आधार पर 17 का गुणक और व्यक्तिगत खर्च की कटौती की गई। अन्य मदों सहित आश्रितों की आर्थिक क्षति 26 लाख नौ हजार 200 रुपये आंकी गई। रवि यादव की मासिक आय भी 11 हजार रुपये मानी गई।

भविष्य की आय में 25 प्रतिशत वृद्धि, व्यक्तिगत खर्च के लिए एक-तिहाई राशि की कटौती और उम्र के आधार पर 14 का गुणक लगाया गया। अन्य मदों सहित आर्थिक क्षति 17 लाख पांच हजार रुपये आंकी गई। दोनों मामलों में नाबालिग बच्चों की राशि बालिग होने तक सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया।