
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा: स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने के लिए मोबाइल फोन ले जाने पर रोक के बावजूद विद्यार्थी इसे साथ ले जाने से बाज नहीं आ रहे हैं। अजगरबहार क्षेत्र के एक हायर सेकंडरी स्कूल में मोबाइल लेकर पहुंची 11वीं की छात्रा को प्राचार्य ने फटकार लगाई।
इसके बाद घर पहुंची छात्रा ने कथित तौर पर कीटनाशक का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ने पर स्वजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के बाद उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। घटना ने बच्चों में मोबाइल को लेकर बढ़ती जिद और रोक-टोक के प्रति उनकी प्रतिक्रिया ने चिंता बढ़ा दी है।
छात्रा रोज की तरह स्कूल पहुंची थी। इस दौरान वह अपने साथ मोबाइल भी लेकर गई थी। स्कूल में मोबाइल रखने की जानकारी मिलने पर प्राचार्य ने उसे डांट लगाई। स्कूल से घर लौटने के बाद उसने कीटनाशक पी लिया। कुछ समय बाद इसकी जानकारी स्वजनों को हुई तो वे तत्काल उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया। समय पर अस्पताल पहुंचने से उसकी जान बच गई। जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर उपाध्याय ने बताया कि मामले की जानकारी ली जाएगी।
कोरबा में मोबाइल को लेकर विवाद का ऐसा ही एक मामला पहले भी सामने आ चुका है। 17 वर्षीय किशोरी का अपने 12 वर्षीय छोटे भाई को अधिक समय तक मोबाइल इस्तेमाल करने देने को लेकर विवाद हुआ था। मां ने मोबाइल छिपा दिया तो नाराज किशोरी ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। अब स्कूल में मोबाइल ले जाने पर रोक और प्राचार्य की फटकार के बाद 11वीं की छात्रा के कीटनाशक सेवन की घटना ने चिंता बढ़ा दी है। दोनों घटनाएं बताती हैं कि मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर बच्चों में अनुशासन के साथ-साथ धैर्य, समझाइश और अभिभावकों के संवाद की भी जरूरत है।