
नईदुनिया बैकुंठपुर : कोरिया जिले के सोनहत में रेत कारोबार और इलाके में वर्चस्व की लड़ाई ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। सोमवार 16 जून की रात ग्राम नवगई में भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी और उसके रिश्तेदारों व ग्रामीणों ने सोनहत के पूर्व जनपद उपाध्यक्ष भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह,उनके नजदीकी बिरेंद्र सिंह और रिश्तेदार शिक्षक नागेंद्र सिंह समेत पांच लोगों को फॉर्च्यूनर में जला दिया।वारदात में लल्ला सिंह, नागेंद्र सिंह और बिरेंद्र सिंह की मौत हो गई। इसी परिवार के मयंक सिंह और योगेंद्र सिंह को रायपुर में शिफ्ट किया गया है। वारदात में शामिल चार आरोपितों को हिरासत में लिया गया है।
मृतक लल्ला सिंह सोनहत जनपद के पूर्व उपाध्यक्ष थे। बैकुंठपुर महलपारा में भी उनका मकान है। उनका पुराना मकान सोनहत क्षेत्र के कटगोड़ी से लगे नवगई में हैं। क्षेत्र में बड़े ठेकेदार और क्रशर कारोबारी के रूप में उनका दबदबा था। हाल ही में उनके भतीजे के नाम पर रेत का ठेका मिला था। वहीं गांव के ही दूसरे भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के डंपरों से रेत का परिवहन होता था। रेत घाट पर कब्जे, अवैध खनन और कमीशन की हिस्सेदारी को लेकर दोनों पक्षों में महीनों से वर्चस्व की जंग चल रही थी। पहले भी दोनों पक्षों में झड़प हुई थी और थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। रेत के इस कारोबार में कौन बड़ा बनेगा, इसी वर्चस्व की लड़ाई ने आखिरकार तीन जिंदगियां लील लीं।
16 जून की रात लल्ला सिंह रिशरेदारो और परिचितों के साथ तीन गाड़ियों में गांव जा रहे थे। वर्चस्व साबित करने के लिए दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। त्रिपाठी परिवार ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर को घेर लिया। हमलावरों ने पहले टिपर से कई बार जोरदार टक्कर मारकर कार के दरवाजे जाम कर दिए, ताकि कोई बाहर न निकल सके। इसके बाद कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। जो लोग शीशा तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें बाहर खड़े आरोपितों ने लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा।
आग की लपटों में घिरे भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह कार के अंदर ही जल गए। गंभीर रूप से झुलसे परिचित बिरेंद्र सिंह ने अंबिकापुर के जीवन ज्योति अस्पताल में दम तोड़ दिया। उनपर धारदार हथियार से भी वार किया गया था।बीरेंद्र रायपुर में एक निजी कंपनी में काम करते थे। तीसरे मृतक, लल्ला सिंह के रिश्ते में भाई लगने वाले शिक्षक नागेंद्र सिंह ने मंगलवार को रायपुर ले जाने के दौरान बिलासपुर के पास रास्ते में दम तोड़ दिया। योगेंद्र सिंह और मयंक सिंह की हालत नाजुक है। दोनों को रायपुर शिफ्ट किया गया है।
चार आरोपित हिरासत में
मुख्य आरोपित मनोज त्रिपाठी भी भाजपा से जुड़ा हुआ है। रेत के कारोबार में राजनीतिक संरक्षण के चलते ही यह वर्चस्व की लड़ाई खूनी संघर्ष में बदल गई। पुलिस ने मनोज त्रिपाठी, उसके बेटे और रिश्तेदारों समेत सात लोगों पर नामजद अपराध पंजीकृत किया है। वारदात में शामिल अक्षत त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मन्नू त्रिपाठी और विशाल त्रिपाठी को हिरासत में लिया गया है। मुख्य आरोपित फरार हैं।
देर रात पहुंचे आइजी, क्षेत्र में तनाव का माहौल
वारदात की खबर पर सरगुजा आइजी दीपक कुमार झा रात में ही गांव पहुंचे। घटना की गंभीरता को देखते हुए रात में ही आरोपितों की धरपकड़ शुरू की गई थी।वारदात के बाद नवगई समेत पूरे सोनहत क्षेत्र में तनाव का माहौल है। फोरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए उनके छिपने के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
वर्जन
वारदात में शामिल चार आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया है। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमों को लगाया गया है। दीपक कुमार झा पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा