
नईदुनिया न्यूज, नारायणपुर। खेल के क्षेत्र में फुटबॉल और मलखंब में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप बना चुके अबूझमाड़ के खिलाड़ियों का दम लोग देख रहे हैं, इस कड़ी में यहां की खुशबू नाग ने भी दिल्ली में माड़ का दम दिखाया है। 11 से 14 जून तक भारत मंडपम में आयोजित आईएचएफएफ (IHFF) शेरू क्लासिक-2026 अंतरराष्ट्रीय फिटनेस एंड बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में देश-विदेश के प्रतिभागियों के बीच अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास का लोहा भी मनवाया।
खुशबू ने स्वर्ण पदक ही नहीं जीता, बल्कि विमेंस फिजिक्यू इंटरनेशनल चैंपियनशिप श्रेणी में ओवरऑल चैंपियन का खिताब भी अपने नाम कर अबूझमाड़ और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया।
घने जंगलों, प्राकृतिक विरासत और समृद्ध जनजातीय संस्कृति के लिए विश्वभर में पहचान रखने वाले अबूझमाड़ की चर्चा फिटनेस के क्षेत्र में शुरू हो गई है। खुशबू नाग इसकी नायिका बनकर सामने आई हैं। सीमित संसाधनों वाले अंचल से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त करना किसी चमत्कार से कम नहीं है। यहां न आधुनिक जिम है, न उच्च स्तरीय प्रशिक्षक, न ही फिटनेस को लेकर कोई विशेष माहौल।
इसके बावजूद खुशबू ने अपनी लगन, निरंतर अभ्यास और अटूट संकल्प के दम पर हर मुश्किल को पीछे छोड़ दिया। उनका यह सफर उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो मानते हैं कि सफलता के लिए बड़े शहरों या महंगे संसाधनों की जरूरत होती है। नईदुनिया से फोन पर चर्चा करते हुए खुशबू ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने सफलता का श्रेय कोच और स्वजन को दिया। खुशबू ने बताया कि वह 15 जून को दिल्ली से रायपुर लौटेंगी।
आदिवासी गोंड समुदाय से आने वाली खुशबू नाग जिले के छोटे से गांव ब्रम्हबेड़ा के साधारण बढ़ई परिवार की हैं। 2019 में कैंसर से मां के निधन के बाद वह मानसिक अवсад में चली गई थीं। इससे उबरने के लिए वह जिम जाने लगीं और घंटों पसीना बहाने लगीं।
कोच दिलीप यादव से प्रशिक्षण लेने के बाद वह प्रतियोगिताओं में भाग लेने लगीं और जल्दी ही राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनौती देने लगीं। वर्तमान में वह नारायणपुर स्थित एक जिम में कोच का काम करती हैं और वहीं से प्रैक्टिस भी करती हैं।
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