
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी में जिस आईटीएमएस के कैमरों से यातायात नियम तोड़ने वालों पर नजर रखी जानी है, उसी सिस्टम के 112 कैमरे बंद हैं। संचालन कंपनी एलएंडटी के करीब 10 करोड़ रुपये के बकाये में से पांच करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। बिजली बिल के 73 लाख और कंसल्टेंट टीम के 40 लाख रुपये भी दिए गए हैं। इसके बावजूद बंद कैमरों की मरम्मत पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी है।
अब इसी बीच पुलिस ने 11 चौक के लिए 100 से अधिक नए सर्विलांस कैमरों की मांग भेज दी है। यानी पुराने कैमरों की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह बहाल होने से पहले ही सिस्टम के विस्तार की तैयारी शुरू हो गई है। आईटीएमएस के 551 सर्विलांस कैमरों में 70, 309 रेड लाइट वायलेशन डिटेक्टर में 30 और 64 नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरों में 12 बंद हैं। 50 यातायात सिग्नल में 12 भी काम नहीं कर रहे हैं।
आईटीएमएस के संचालन और संधारण की जिम्मेदारी एलएंडटी को दी गई है। कंपनी के करीब 10 करोड़ रुपये के बकाये में से पांच करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं। इसके अलावा बिजली और कंसल्टेंसी से जुड़े भुगतान भी किए गए हैं। फिर भी 112 कैमरे बंद हैं। इन कैमरों का इस्तेमाल यातायात नियमों के उल्लंघन, लाल बत्ती तोड़ने और नंबर प्लेट की निगरानी के लिए होता है।
पुलिस प्रशासन ने 11 चौक पर 100 से अधिक नए सर्विलांस कैमरे लगाने की मांग भेजी है। अधिकारियों के अनुसार फंड मिलने के बाद इसकी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शहर के विस्तार और बढ़ते यातायात को देखते हुए नए स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत बताई जा रही है।
आईटीएमएस वर्ष 2017-18 में शुरू हुआ था और सितंबर 2019 में इसके संचालन व संधारण की जिम्मेदारी एलएंडटी को दी गई थी। करीब नौ साल पुराने सिस्टम के साफ्टवेयर अपग्रेड और नई ट्रैकिंग प्रणाली विकसित करने की तैयारी है। प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन सोनमणि बोरा की समीक्षा बैठक में आईटीएमएस विशेषज्ञों को बुलाने की तैयारी है। इस बैठक में सिस्टम के विस्तार और तकनीकी उन्नयन पर चर्चा होगी।
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