छत्तीसगढ़ में शुरू होगा 'बासमती धान मिशन', अंतरराष्ट्रीय बाजारों में महकेगा प्रदेश का चावल, बढ़ेगी किसानों की आय
छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने के लिए बासमती धान मिशन शुरू किया जाएगा। इसकी शुरुआत कुछ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में करने की तैयारी है, जिस ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 05 Jun 2026 09:22:00 AM (IST)Updated Date: Fri, 05 Jun 2026 09:22:00 AM (IST)
छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने शुरू होगा बासमती धान मिशन (AI से जनरेट इमेज)HighLights
- किसानों की आय बढ़ाने शुरू होगा बासमती धान मिशन
- अनुकूल क्षेत्रों की चयन प्रक्रिया जल्द होगी शुरू
- इंडियन राइस एक्सपोर्ट फेडरेशन की हुई बैठक
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने के लिए बासमती धान मिशन शुरू किया जाएगा। इसकी शुरुआत कुछ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में करने की तैयारी है, जिसे बाद में चरणबद्ध तरीके से सभी जिलों में विस्तारित किया जाएगा। कृषि विकास मंत्री रामविचार नेताम की अध्यक्षता में गुरुवार को नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन की बैठक हुई।
किसानों के हित सर्वोपरि- नेताम
बैठक में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बासमती धान की खेती को बढ़ावा देने पर सहमति बनी। मंत्री नेताम ने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं। उनकी आय बढ़ाने के लिए जो भी आवश्यक कदम होंगे, सरकार उन्हें प्राथमिकता के साथ लागू करेगी। बैठक में सामान्य धान की खेती में फसल विविधीकरण तथा राज्य में बासमती धान के रकबे को बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने बताया कि प्रदेश में धान की विभिन्न किस्मों का उत्पादन होता है, लेकिन बासमती और अन्य सुगंधित चावलों की अंतरराष्ट्रीय तथा यूरोपीय बाजारों में विशेष मांग है। इनके बेहतर दाम भी मिलते हैं।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए बनेगी योजना
उन्होंने बताया कि प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों की जल्द पहचान की जाएगी, जहां की जलवायु और तापमान बासमती धान के उत्पादन के लिए अनुकूल हैं। चयनित क्षेत्रों में बासमती धान का रकबा बढ़ाकर किसानों को अधिक लाभ दिलाने की योजना बनाई जाएगी।