
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी वाहिनी माना कैंप में सरकारी खजाने से 1.18 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जीवाड़ा किया गया है। वाहिनी में पदस्थ आरक्षक कमलेश कुमार साहू ने वेतन पर्चियों में छेड़छाड़ कर अपनी वास्तविक पात्रता से अधिक प्रतिनियुक्ति भत्ता और विशेष राशन भत्ता निकालने का आरोप है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरक्षक ने करीब 1 करोड़ 18 लाख 30 हजार 739 रुपये की अतिरिक्त राशि आहरित की। इसमें से रकम अपने दो बैंक खातों के अलावा अपनी मां विसाहिन साहू के बैंक खाते में भी जमा कराई गई। मामले में सेनानी के निर्देश पर चौथी वाहिनी के वेतन शाखा प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक अरुण खलखो ने माना कैंप थाने में लिखित शिकायत की।
प्राथमिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, आरक्षक ने वेतन पर्चियों में बदलाव कर अतिरिक्त भत्तों का आहरण कराया। सरकारी राशि सीधे उसके दो बैंक खातों के साथ उसकी मां विसाहिन साहू के बैंक खाते में भी पहुंची। जांच में सामने आए बैंक खातों के विवरण के आधार पर अब पुलिस यह पता लगाएगी कि अलग-अलग खातों में कितनी रकम जमा हुई, राशि कब निकाली गई और इसका उपयोग कहां किया गया।
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चौथी वाहिनी के सेनानी के आदेश पर तीन नवंबर को जारी पत्र के आधार पर वेतन शाखा प्रभारी अरुण खलखो को आरक्षक के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद चार नवंबर को माना कैंप थाने में अपराध दर्ज कराया गया। एफआइआर में कमलेश कुमार साहू को आरोपित बनाया गया है।
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