
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और रोड नेटवर्क को मजबूती देने की केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य में सड़क और पुल-पुलिया निर्माण के लिए पहली बार 15 हजार करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना को हरी झंडी दे दी है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने इस ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी बुधवार को प्रेस वार्ता में साझा की।
मंत्री साव ने बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश के कई व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्गों को फोर-लेन में बदला जाएगा। इनमें धमतरी-जगदलपुर, बिलासपुर-अकलतरा-रायगढ़, रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ और गीदम-जगदलपुर-ओडिशा सीमा मार्ग प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा अभनपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ और कबीरधाम जैसे शहरों में यातायात को बेहतर बनाने के लिए चौड़ीकरण के कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
मंत्री साव ने बताया कि रायपुर शहर में यातायात के बढ़ते दबाव को ध्यान में रखकर चार बायपास सड़कों के साथ फ्लाईओवर बनाने का प्राक्लन तैयार किया जा रहा है। इनमें 100-100 करोड़ की लागत से मोवा से सेरीखेड़ी सात किमी बायपास सड़क, लाभांडी से सड्डू-कचना बायपास, चंदनीडीह से सरोना होते हुए महादेव घाट तक और कमल विहार (कौशल्या माता विहार) से अभनपुर रोड पर बायपास के साथ बिलासपुर रोड स्थित बंजारी माता मंदिर के पास फ्लाइओवर का निर्माण शामिल है।
सामरिक और ढांचागत दृष्टि से बस्तर अंचल में बुनियादी ढांचे के विस्तार को प्राथमिकता दी गई है। इंद्रावती नदी पर विभिन्न स्थानों पर नए पुलों के साथ नारायणपुर, बीजापुर, कोंडागांव और दंतेवाड़ा में कनेक्टिविटी सुधारने के कार्य चल रहे हैं।
लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने बताया कि दिसंबर 2023 से अब तक 12,666 करोड़ रुपये के 1,572 कार्यों को मंजूरी दी गई, जिसमें 7,398 किमी सड़क, 247 पुल और 42 भवन शामिल हैं। वर्तमान में 6,000 किमी सड़कों का निर्माण जारी है। इस अवधि में 200 पुल और 252 शासकीय भवन पूरे हो चुके हैं।
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प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के लिए 530 कर्मचारियों की पदोन्नति, 27 अनुकंपा नियुक्तियां और 83 उपअभियंताओं की भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है। विभाग को मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन का नोडल विभाग भी बनाया गया है, जिससे विकास कार्यों को और गति मिलेगी। विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए जल्द ही ‘वमिस’ प्रणाली लागू किया जाएगा।