छत्तीसगढ़ में महंगी हुई बिजली... प्रति यूनिट 30 से 50 पैसे तक बढ़ी दरें, एक जुलाई से लागू होंगे नए दाम
राज्य विद्युत नियामक आयोग ने नए वित्तीय वर्ष के लिए टैरिफ (बिजली दरों) की घोषणा कर दी है, जिसके तहत बिजली के दामों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 15 Jun 2026 06:07:04 PM (IST)Updated Date: Mon, 15 Jun 2026 06:51:48 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में महंगी हुई बिजली (ये तस्वीर एआई से बनाई गई है)HighLights
- आयोग ने भारी बढ़ोतरी की मांग ठुकराकर औसतन सिर्फ 6.23% वृद्धि मंजूर की
- 1 जुलाई से आम उपभोक्ताओं को 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट अधिक बिल देना होगा
- बिजली कंपनी के 6,304 करोड़ के घाटे को घटाकर सिर्फ 1,662 करोड़ मान्य किया
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसइआरसी) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों का आधिकारिक एलान कर दिया है। आयोग के सदस्य व पदेन अध्यक्ष डॉ. विवेक गनोदवाले और राजेश कुमार सिंह ने दावा किया कि आम जनता को बड़ी राहत देते हुए बिजली वितरण कंपनी की ओर से प्रस्तावित 24 प्रतिशत की भारी-भरकम वृद्धि को खारिज किया गया है। इसके स्थान पर आयोग ने औसतन केवल 6.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी को ही मंजूरी दी है।
राज्य में नई बिजली दरें एक जुलाई 2026 से पूरी तरह लागू हो जाएंगी। नए टैरिफ के मुताबिक राज्य में औसत बिजली आपूर्ति दर 7.13 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित की गई है, जबकि औसत बिलिंग दर 6.71 रुपये प्रति यूनिट आंकी गई है।
अब देना होगा 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट अधिक बिल
- घरेलू उपभोक्ता: घरेलू बिजली की दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, ग्रामीण, बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के छात्रावासों के साथ-साथ स्थानीय निकायों के कार्यालयों को अब गैर-घरेलू श्रेणी से हटाकर घरेलू श्रेणी में शामिल किया गया है, जिससे इन्हें सीधा फायदा होगा। इसके अलावा, आवास बोर्ड कॉलोनियों की स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक जल आपूर्ति को भी घरेलू टैरिफ का लाभ मिलेगा।
- व्यवसायिक उपभोक्ता (कमर्शियल): गैर-घरेलू व कमर्शियल बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में स्थापित मोबाइल टावरों को मिलने वाली 25 प्रतिशत की छूट जारी रहेगी।
किसानों को राहत और बड़े बदलाव
कृषि पंपों की बिजली दर में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। लेकिन सरकार ने गैर-सब्सिडी कृषि पंपों पर ऊर्जा प्रभार में मिलने वाली छूट को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही, खेतों में पंप कनेक्शन के साथ 100 वाट तक लाइट और पंखे की सुविधा पहले की तरह ही यथावत रहेगी।
टाइम ऑफ डे (टीओडी) टैरिफ और ईवी चार्जिंग
- 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले निम्नदाब उपभोक्ताओं के लिए अब टाइम ऑफ डे (टीओडी) टैरिफ लागू होगा।
- दिन में छूट: सुबह नौ से शाम पांच बजे तक बिजली उपयोग करने पर पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी।
- रात में अतिरिक्त शुल्क: शाम पांच से रात 11 बजे तक बिजली इस्तेमाल पर पांच प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
- ऑफ-पीक राहत: ऑफ-पीक समय में 20 पैसे प्रति यूनिट की छूट का प्रावधान है।
- इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी): सामान्य इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग के लिए टैरिफ 7.13 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है, जबकि हाई वोल्टेज ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए यह दर 6.42 रुपये प्रति केवीएएच निर्धारित की गई है।
कंपनियों के घाटे के दावे पर आयोग की कैंची
आयोग के सदस्य व पदेन अध्यक्ष डॉ. विवेक गनोदवाले ने बताया कि बिजली वितरण कंपनी के 32,520 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता के प्रस्ताव के मुकाबले केवल 28,348 करोड़ रुपये को ही मंजूरी दी है। इसी तरह, कंपनी द्वारा बताए गए 6,304 करोड़ रुपये के भारी-भरकम राजस्व घाटे को घटाकर आयोग ने केवल 1,662 करोड़ रुपये का घाटा ही मान्य किया है।
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इसके अतिरिक्त, डिजिटल और अग्रिम भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं के नियमों में बदलाव करते हुए अग्रिम भुगतान पर मिलने वाली छूट को 1.25 प्रतिशत से घटाकर 0.75 प्रतिशत और प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं की छूट को 1.5 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत कर दिया गया है।