
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम (CG Weather Udpate) ने दो अलग-अलग रूप दिखाने शुरू कर दिए हैं। जहां मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और ग्रीष्म लहर (लू) का प्रभाव (Heatwaves) तेजी से बढ़ रहा है, वहीं बस्तर संभाग के कई जिलों में मौसम (IMD Rain Alert) बदलने के संकेत मिल रहे हैं।
मौसम विभाग (Aaj Ka Mausam) के अनुसार, अगले दो दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना है। इसके चलते रायपुर सहित कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

दूसरी ओर बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव और उत्तर बस्तर कांकेर जिलों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही हल्की से मध्यम वर्षा होने के भी आसार हैं। हालांकि, प्रदेश के अन्य जिलों में गर्मी का असर बरकरार रहेगा और लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।
गुरुवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद दुर्ग जिले में 43 डिग्री तापमान रहा। राजधानी रायपुर 42.8 डिग्री के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जबकि सबसे कम तापमान 38.1 डिग्री जगदलपुर में दर्ज किया गया।
मध्य छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर लू चलने की चेतावनी दी गई है। दोपहर के समय हालात और अधिक कठिन हो सकते हैं। ऐसे में लोगों को धूप से बचने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बेमेतरा जिला चिकित्सालय के आयुष विभाग ने लू और तेज गर्मी को देखते हुए प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपायों की एडवाइजरी जारी की है। अक्टूबर 2024 से संचालित एनसीडी क्लिनिक में अब तक सात हजार से अधिक लोग लाभ ले चुके हैं। यहां डॉ. चिरंजीवी वर्मा, डॉ. भूमिका साहू और काउंसलर गोविंद सिंह सेवाएं दे रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार, गर्मी में शरीर को ठंडा रखने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन जरूरी है। तरबूज, खरबूज, खीरा और ककड़ी शरीर को हाइड्रेट रखते हैं। नारियल पानी, छाछ और सत्तू प्राकृतिक ऊर्जा प्रदान करते हैं।
नींबू पानी और जौ का पानी शरीर को ठंडा रखते हैं, जबकि लौकी, तोरई और परवल जैसी सब्जियां हल्की और सुपाच्य होती हैं। तला-भुना और मसालेदार भोजन, अधिक चाय-कॉफी और कोल्ड ड्रिंक से बचने की सलाह दी गई है।
आयुर्वेद के अनुसार, गर्मी में पित्त बढ़ता है, जिसे संतुलित करना जरूरी है। धनिया, सौंफ और जीरा उबालकर पीना लाभकारी होता है। गुलकंद, बेल का शरबत और आम पन्ना शरीर को ठंडक देते हैं।
योग में शीतली, शीतकारी और चंद्र भेदन प्राणायाम शरीर को ठंडा रखने में सहायक हैं।
हीट स्ट्रोक के लक्षणों में तेज बुखार, चक्कर, सिरदर्द, उल्टी, त्वचा का लाल होना और बेहोशी शामिल हैं। ऐसे में मरीज को तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर पानी या ओआरएस देना चाहिए और गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचाना चाहिए।
दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, हल्के कपड़े पहनें और पर्याप्त पानी पीते रहें। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 26 अप्रैल के बाद प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जिससे तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।