वाह रे शिक्षा व्यवस्था: कुरुद में चौथे सेमेस्टर के छात्राें को पढ़ाया छठे सेमेस्टर का विषय, बिना परीक्षा दिए फेल हो गए विद्यार्थी
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से संबद्ध कुरुद शासकीय महाविद्यालय की लापरवाही के कारण बीए चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों को छठवें सेमेस्टर का पाठ्यक्रम...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 31 Aug 2026 08:01:39 PM (IST)Updated Date: Mon, 31 Aug 2026 08:07:12 PM (IST)
शिक्षा व्यवस्था में अनियमितता से प्रभावित छात्रों की प्रतीकात्मक तस्वीर। एआईHighLights
- महाविद्यालय की लापरवाही से छात्रों का भविष्य हुआ अंधकारमय
- चतुर्थ सेमेस्टर के बच्चों को पढ़ाया गया छठवें सेमेस्टर का विषय
- परीक्षा परिणाम में छात्रों को अनुपस्थित दिखाकर गुमराह किया गया
मनीष मिश्रा, नईदुनिया, रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से संबद्ध कुरुद के संत गुरु घासीदास शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा वहां के मासूम बीए चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। प्रदेश में लागू नई शिक्षा नीति के प्रावधानों के अंतर्गत बीए के छात्रों को जेनेरिक इलेक्टिव के तहत बीकॉम के एक विषय का चयन करके पढ़ाई करनी थी। परंतु महाविद्यालय के शिक्षकों और प्राध्यापकों की अज्ञानता के कारण छात्रों को चतुर्थ सेमेस्टर के पाठ्यक्रम के स्थान पर सीधे छठवें सेमेस्टर का पाठ्यक्रम पढ़ा दिया गया।
बीती छह जुलाई को निर्धारित परीक्षा कार्यक्रम के तहत डीएसई मनी एंड बैंकिंग विषय का पेपर होना था, तब छात्र तय समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचे। कॉलेज प्रबंधन को जब अपनी भूल का अहसास हुआ कि उन्होंने गलत पाठ्यक्रम पढ़ाया है, तो उन्होंने अपनी गलती छुपाने के लिए छात्रों से यह कह दिया कि विश्वविद्यालय से अभी पेपर नहीं आया है।
छात्रों को बरगलाया गया
छात्रों को यह झूठा आश्वासन दिया गया था कि विश्वविद्यालय द्वारा जल्द ही परीक्षा की नई समय सारणी जारी की जाएगी, जिसके बाद परीक्षा संपन्न होगी। हालांकि, वास्तविकता यह थी कि कॉलेज के प्रतिनिधियों को एक दिन पहले ही विश्वविद्यालय में यह स्पष्ट कर दिया गया था कि उनके द्वारा पढ़ाया गया विषय छठवें सेमेस्टर का है, चतुर्थ सेमेस्टर का नहीं। अपनी इस बड़ी चूक को छिपाने के लिए कॉलेज प्रबंधन ने विद्यार्थियों को लगातार गुमराह किया।
विश्विवद्यालय ने दर्ज किया अब्सेंट
हद तो तब हो गई जब विश्वविद्यालय ने नई परीक्षा तिथि घोषित करने के बजाय सीधा परीक्षा परिणाम ही जारी कर दिया। इस त्रुटिपूर्ण परिणाम में संबंधित विषय के सभी छात्रों को अनुपस्थित यानी एब्सेंट दर्ज कर दिया गया। अपने भविष्य के साथ हुए इस अन्याय को देखकर छात्र सकते में आ गए और न्याय पाने के लिए कॉलेज तथा विश्वविद्यालय के चक्कर काटने लगे। परिणामों में अनुपस्थित दिखाए जाने से विद्यार्थियों का पूरा शैक्षणिक सत्र और भविष्य संकट में आ गया है।
छात्र हित में लेंगे निर्णय
शासकीय कॉलेज कुरुद का यह मामला संज्ञान में आया है। मामले की समीक्षा की जा रही है। छात्र हित को सर्वोपरि रखते हुए जो भी उचित और न्यायसंगत निर्णय होगा, वह शीघ्र ही लिया जाएगा।
- डॉ. शैलेंद्र कुमार पटेल, कुलसचिव- पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय