
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। स्मार्ट मीटर की रीडिंग पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के उठाए गए सवाल के बीच बिजली वितरण कंपनी ने दावा किया है कि रीडिंग 100 प्रतिशत सटीक होती है। कंपनी का दावा है कि प्रदेश में अब तक 4,800 से अधिक परिसरों में चेक मीटर से मिलान किया गया और सभी मामलों में रीडिंग समान मिली।
वहीं भिलाई स्थित राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) के टेस्टिंग लैब में उपभोक्ताओं के सामने 74 स्मार्ट मीटरों की जांच हुई, जिनमें भी खपत सही दर्ज मिली। कंपनी के अनुसार, स्मार्ट मीटर भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के मानकों के अनुरूप स्थापित किए जा रहे हैं।
कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर ने बताया कि बिजली बिल में विसंगति की शिकायत पर परिसर में तकनीकी जांच और चेक मीटर लगाने की सुविधा उपलब्ध है। इसके लिए उपभोक्ता से कोई शुल्क नहीं लिया जाता। स्मार्ट मीटर फरवरी 2024 से लगाए जा रहे हैं।
रायपुर संभाग के तीन लाख से अधिक उपभोक्ताओं के आंकड़ों के विश्लेषण में मार्च से जून के दौरान एसी, कूलर, पानी पंप और वाहन चार्जिंग के कारण खपत बढ़ी। वहीं अगस्त में मई की तुलना में 32 से 57 प्रतिशत तक कमी दर्ज हुई है। एमडी ने कहा कि मोर बिजली एप और वेब पोर्टल पर उपभोक्ता हर 30 मिनट की खपत देख सकते हैं। शिकायत के लिए 1912 पर संपर्क किया जा सकता है।