
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने 570 करोड़ के कोल लेवी घोटाले में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, रामगोपाल अग्रवाल, आईएएस जयप्रकाश मौर्य और दीपेश टांक समेत नौ आरोपियों को समन जारी किया है। सभी को पांच अक्टूबर को विशेष न्यायालय के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
ईओडब्ल्यू अब कोल लेवी प्रकरण में अंतिम आरोप पत्र पेश करने की तैयारी में है। जांच एजेंसी के अनुसार, एफआइआर में आरोपित बनाए गए इन लोगों के विरुद्ध जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में आरोपपत्र प्रस्तुत किया जाएगा।
ईओडब्ल्यू दो वर्षों से घोटाले की जांच कर रही है और अब तक चार चार्जशीट पेश कर चुकी है। इनमें निलंबित आईएएस रानू साहू, समीर विश्नोई, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव रहीं सौम्या चौरसिया, कारोबारी सूर्यकांत तिवारी और सुनील अग्रवाल समेत करीब 20 आरोपित शामिल हैं। कई आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
जांच एजेंसी के अनुसार सूर्यकांत तिवारी से संबंधित डायरी और दस्तावेजों में लेन-देन का विवरण मिला था। इनमें विभिन्न नेताओं और अन्य लोगों के नाम सामने आने की बात कही गई है। देवेंद्र यादव से भी इसी मामले में पूछताछ हो चुकी है। ईडी की जांच में अब तक आरोपितों से जुड़ी करीब 270 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी है। इनमें अधिकारियों, कारोबारियों और राजनीतिक नेताओं से जुड़ी संपत्तियां शामिल हैं।
ईओडब्ल्यू की एफआईआर में रानू साहू, समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, विधायक देवेंद्र सिंह यादव, पूर्व विधायक शिशुपाल सोरी, यूडी मिंज, चंद्रदेव प्रसाद राय, बृहस्पत सिंह, गुलाब कमरो, कांग्रेस नेता आरपी सिंह, विनोद तिवारी,संदीप कुमार नायक, शिवशंकर नाग, सूर्यकांत तिवारी, मनीष उपाध्याय, रोशन कुमार सिंह, निखिल चंद्राकर,राहुल सिंह, पारेख कुर्रे, इदरिश गांधी, मोइनुद्दीन कुरैशी, वीरेंद्र कुमार जायसवाल, चंद्रप्रकाश जायसवाल, लक्ष्मीकांत तिवारी, देवेंद्र डडसेना, राहुल मिश्रा, रामगोपाल अग्रवाल, सुनील कुमार अग्रवाल, जय,जोगेंद्र सिंह, नवनीत तिवारी, दीपेश टांक, रजनीकांत तिवारी, हेमंत जायसवाल के नाम शामिल है।