छत्तीसगढ़ के शहरों में आवासीय पट्टा जल्द, सर्वे पूरा, इस वर्ष से पहले होंगे काबिज तभी मिलेगा पट्टा
छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में लंबे समय से आवासीय पट्टे का इंतजार कर रहे गरीब परिवारों के लिए राहत की खबर है। प्रदेशभर में पट्टा वितरण के लिए सर्वे क...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 24 Aug 2026 10:43:22 PM (IST)Updated Date: Mon, 24 Aug 2026 10:45:19 PM (IST)
पट्टा वितरण प्रक्रिया की प्रतीकात्मक तस्वीर। एआईHighLights
- छत्तीसगढ़ के शहरी गरीबों को मिलेगा आवासीय पट्टा
- 15 अगस्त तक सर्वे की प्रक्रिया पूरी हुई
- कलेक्टरों की रिपोर्ट के बाद शुरू होगी समीक्षा
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में लंबे समय से अपने आशियाने के लिए आवासीय पट्टे की राह देख रहे गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सुकून भरी खबर सामने आई है। राज्य के शहरी इलाकों में पट्टा वितरण की दिशा में कदम उठाते हुए सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। इससे उन तमाम परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जग गई है, जो वर्षों से एक निश्चित स्थान पर मकान बनाकर निवास कर रहे हैं।
पंद्रह अगस्त तक पूरा हुआ सर्वे कार्य
कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने इस महत्वपूर्ण योजना की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेशभर में आवासीय पट्टा वितरण के लिए सर्वे की प्रक्रिया को निर्धारित समय यानी पंद्रह अगस्त तक पूरी तरह से संपन्न कर लिया गया है। इस व्यापक सर्वे के दौरान जिलों में रह रहे गरीब परिवारों की वास्तविक स्थिति और उनकी बस्तियों का डेटा जुटाया गया है। अब शासन स्तर पर सभी जिलों के कलेक्टरों से प्राप्त होने वाली रिपोर्ट के आधार पर इसी महीने विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।
वर्ष 2017 से पहले के निवासियों को मिलेगा लाभ
प्रशासनिक रूप से तय की गई पात्रता के नियमों के मुताबिक, वर्ष 2017 से पहले से संबंधित स्थान पर निवास कर रहे लोगों को ही इस योजना के तहत शहरी पट्टा प्रदान किया जाएगा। कलेक्टरों की रिपोर्ट मिलने के बाद पात्र हितग्राहियों की सूची का परीक्षण किया जाएगा और उसके बाद पट्टा वितरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत पात्र परिवारों को उनकी जमीन का कानूनी अधिकार सौंपा जाएगा।
कानूनी अधिकार और सरकारी योजनाओं का लाभ
शहरी क्षेत्रों में रहने वाले कई गरीब परिवार लंबे समय से उस जमीन पर मकान बनाकर रह रहे थे, जहां उनके पास कानूनी हक नहीं था। आवासीय पट्टा मिल जाने से इन परिवारों को अपनी संपत्ति पर पुख्ता कानूनी अधिकार प्राप्त हो जाएगा। इसके साथ ही उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने में भी काफी आसानी होगी। सरकार के इस संवेदनशील कदम से प्रदेश के विभिन्न शहरी निकायों के जरूरतमंद परिवारों का जीवन स्तर सुधरेगा और उन्हें एक सुरक्षित भविष्य का अहसास होगा।