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CG Weather update: छत्तीसगढ़ में रायपुर, दुर्ग बस्तर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी आशंका

Chhattisgarh weather latest update: मौसम विभाग द्वारा गुरुवार को रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कई जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।

By Digital DeskEdited By: manoj dubey
Publish Date: Thu, 30 Jul 2026 10:32:24 AM (IST)Updated Date: Thu, 30 Jul 2026 10:37:59 AM (IST)
CG Weather update: छत्तीसगढ़ में रायपुर, दुर्ग बस्तर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी आशंका
नारंगी नदी उफान पर होने से कोंडागांव जिले की कलीबेड़ा माकड़ी पुल किनारे फंसे छात्र व ग्रामीण। नईदुनिया

HighLights

  1. बीते तीन दिनों से प्रदेशभर में निरंतर वर्षा हो रही है
  2. राजधानी की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी
  3. धमतरी जिले के कई गांवों का ब्लाक मुख्यालय से संपर्क कटा

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। प्रदेश में बने गहरे अवदाब के कारण मानसून की सक्रियता बनी हुई है। मौसम विभाग द्वारा गुरुवार को रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कई जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी आशंका है। बीते तीन दिनों से प्रदेशभर में निरंतर वर्षा हो रही है।

31 जुलाई से पूरे प्रदेश में मानसून की तीव्रता कम होने का अनुमान है। रायपुर सहित बस्तर संभाग के कई जिलों में भारी वर्षा हुई है। 24 घंटों के दौरान बड़े बचेली में सबसे अधिक 190 मिलीमीटर (मिमी) वर्षा हुई। रायपुर में 150 मिमी, महासमुंद जिले के कोमाखान में 140 मिमी तथा बीजापुर, ओडगी और गोबरा नवापारा में 120 से 130 मिमी वर्षा हुई।


राजधानी की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी

मंगलवार रात से शुरू हुई बारिश ने एक बार फिर राजधानी की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। कुछ घंटों की बारिश में ही शहर की सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और निचली बस्तियों के घरों तक पानी पहुंच गया। देवपुरी से लालपुर फ्रूट मार्केट जाने वाले मुख्य मार्ग पर जलभराव से घंटों यातायात प्रभावित रहा।

जबकि प्रोफेसर कालोनी, पुरानी बस्ती, कुशालपुर, रामनगर-कोटा समेत कई इलाकों में लोग घरों से निकलने तक के लिए जूझते रहे। नगर निगम जुलाई भर नालों पर बने अवैध पाटे और कब्जे हटाने का अभियान चलाता रहा। लेकिन जिन इलाकों में बारिश के दौरान जलभराव हुआ, वहां कार्रवाई पानी भरने के बाद शुरू हुई।

पहली बारिश ने इन दावों की हकीकत सामने ला दी

निगम मानसून से पहले स्थायी तैयारी करने का दावा करता रहा। लेकिन पहली बारिश ने इन दावों की हकीकत सामने ला दी। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली जाती तो हालात इतने खराब नहीं होते।

पहले पानी भरा, फिर टूटा अतिक्रमण

नगर निगम ने जुलाई में शहरभर में नालों पर बने 69 अवैध पाटे और कब्जे हटाने का अभियान चलाया। लेकिन अधिकांश कार्रवाई उन इलाकों में हुई जहां पहले जलभराव हो चुका था। गुरु गोविंद सिंह वार्ड में कांच घर, गोल बाजार की पेटी लाइन, अवंती बाई लोधी चौक, विधानसभा मार्ग, पंडरी और लालपुर जैसे क्षेत्रों में वर्षा के दौरान पानी भरने के बाद अतिक्रमण हटाया गया।

भैरव नगर से बोरिया रोड तक नाले पर बने करीब 20 अवैध पाटे भी बारिश के बीच तोड़े गए। शहर के जिन इलाकों में हर साल जलभराव होता है, वहां इस बार भी हालात नहीं बदले। देवपुरी-लालपुर मार्ग पर घंटों जाम लगा, कई दोपहिया वाहन बंद हो गए और निचली बस्तियों में लोगों को रातभर घरों से पानी निकालना पड़ा।

जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि नाला सफाई और ड्रेनेज सुधार के नाम पर हर साल करोड़ों खर्च किए जाते हैं। लेकिन पहली तेज बारिश में ही व्यवस्था जवाब दे देती है। लोगों ने जलभराव वाले स्थायी स्थलों की अलग से योजना बनाकर समयबद्ध समाधान, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

कार सहित बहे पंजाब से आए दंपती का मिला शव

वहीं,दूसरी तरफ सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में लात नाले में रविवार शाम को कार सहित बहे दंपती का शव बुधवार को मिला। दंपती के ढूंढने के लिए पंजाब से आए गोतोखोरों की टीम भी सर्च अभियान में शामिल हुई थी। गरियाबंद में पांडुका थाना क्षेत्र में उफनती नदी में बहने से 55 वर्षीय थनवार राम यादव की मौत हो गई।

सूरजपुर जिले को ओड़गी क्षेत्र में ढेकी नदी के तेज बहाव में 10 वर्षीय किशोर बह गया। सक्ती जिले में तेज जल धारा में बहे युवक का शव 14 घंटे बाद बरामद किया गया।

कई गांवों का संपर्क कटा

मंगलवार रात से हो रही भारी वर्षा से धमतरी जिले के कई गांवों का ब्लाक मुख्यालय से संपर्क कट गया है। वहीं, कांकेर जिले में नहर की लाइनिंग ध्वस्त हो गई। जगदलपुर में नारंगी नदी का जल स्तर बढ़ने से आवाजाही बंद हो गई।

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