
राज्य ब्यूरो, रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मियों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए उनकी 33 दिनों की हड़ताल अवधि का पूरा वेतन देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री शनिवार को रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित एनएचएम कर्मचारी संघ के महासभा सम्मेलन में शामिल हुए।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की “रीढ़ की हड्डी” बताया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में एनएचएम कर्मियों का योगदान अतुलनीय है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत अब तक बस्तर क्षेत्र की 90 प्रतिशत आबादी की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की गई है। साथ ही डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियमित भर्ती से प्रदेश के चिकित्सा ढांचे को और सुदृढ़ किया गया है।
महासभा सम्मेलन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एनएचएम कर्मियों के लिए स्थानांतरण नीति जारी कर दी है। इसके अलावा कर्मचारियों को अब कैशलेस उपचार योजना का लाभ भी मिलेगा।
उन्होंने बताया कि एनएचएम कर्मियों के लिए जीवन बीमा सुविधा लागू की गई है। सामान्य मृत्यु की स्थिति में छह लाख रुपये और दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में एक करोड़ 40 लाख रुपये का सुरक्षा कवच प्रदान किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में नर्सों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही 116 नए विशेषीकृत स्वास्थ्य केंद्रों के लिए स्थानों का चयन भी कर लिया गया है।
सम्मेलन के दौरान एनएचएम कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का गजमाला पहनाकर स्वागत किया।